16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस ग्रह की स्थिति से लगता है पितृ दोष का पता

पितृ दोष की वजह से जीवन में आती है ये समस्या, ऐसे करें निवारण

2 min read
Google source verification
pitru paksha puja vidhi

pitru paksha puja vidhi

नोएडा. हमारे जीवन में सबसे ज्यादा असर ग्रहों की रश्मियों का बढ़ता है। जिस भी ग्रह का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। हमारा शरीर उसी ग्रह के अनुरूप हो जाता है। एेसे में कुछ ग्रह सकरात्मक आैर नकारत्मक प्रभाव डालते हैं। उसी के अनुरूप हमारे कार्य होते हैं। पंडित रामपरवेश तिवारी बताते है कि छाया ग्रह के रूप में राहु-केतु को ज्योतिष शास्त्र में छाया रूप कहा जाता है। इनकी छाया से व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है। मलीनता आने लगती है। जीवन परेशानी में गुजरता है। उन्हें जीवन भर अनेक उपद्रवों का सामना करना पड़ता है। एेसे में हमें पितृ दोष का पता राहू की दशा से लगता है।

यह भी पढ़ें- Jaypee की जमीन बेचकर हजारों बायर्स की रकम लौटाएगी यमुना अथॉरिटी

जीवन साकार करने का दायित्व पूर कराते हैं पूर्वज

पंडित बताते है कि जीवन को साकार करने का पूरा दायित्व हमारे पूर्वज करते हैं। इनके भी गुण हमारे शरीर में उपस्थिति रहते हैं। इसके पीछे कारण ये है कि यह पंचतत्व इनके शरीर से होते हुए हमारे शरीर को धारण कर रहें ऋणी बना देते हैं। शास्त्र में पांच ऋण बताए गए हैं- मातृ ऋण, पिता ऋण, देव ऋण, ऋषि ऋण एवं मनुष्य ऋण। कुंडली में किस पूर्वज का दोष उत्पन्न हो रहा है, उसका आशीर्वाद हमें क्यों नहीं प्राप्त हो रहा है, इसको बताने में राहु-केतु मुख्य भूमिका अदा करते हैं।

ये है पितृ दोष

पंडित जी के अनुसार जब पूर्वज देखते ही हमारे अंश हमें घर में होने वाली किसी भी पाठ-पूजा, विवाह या कोर्इ भी शुभ कार्य में याद नहीं करते है, तो उनकी आत्माएं दुखी होती है। इसी के बाद वह अपने ही अंश को श्राप देते है। इसे ही पितृ दोष कहा जाता है। इसका पता कुंडली में राहु-केतु की स्थिती देखने पर लग जाता है।

पितृ दोष की वजह से जीवन में आती है ये समस्या

मैत्रेय एवं पाराशर ऋषि की चर्चा बताती है कि पितृ दोष होने से हमारे जीवन में बहुत सी कठनार्इयां आना शुरू हो जाती है। इनमें हर समय कोर्इ न कोर्इ समस्या, घरेलू कलह, लड़की- लड़के का विवाह न होना, बीमारी, संतान का न होना,कर्ज का न उतरना जैसी समस्याएं आती है।


पितृ दोष दूर के ये है मुख्य उपाय

पंडित जी बताते है कि पितृ दोष दूर करने के लिए सबसे पहले अपने सभी पूर्वजों की पूजा अर्चना करना। उनसे गलती मांगकर उन्हें हर पूजा पाठ में याद करना है। महानारायण, गायत्री मंत्र, श्री मद्भगवत गीता का पाठ कराने से पितृ दोष शांत होते हैं। इसके साथ ही ब्राह्मणों को गौ दान, कन्यादान करने से भी पितृ दोष खत्म हो जाता है।