
नोएडा। शहर के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई हॉस्पिटल के तीन डाक्टरों पर थाना सेक्टर-20 में फार्मासिस्ट की पत्नी के साथ छेड़छाड़ और हत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 24 मार्च को हुई इस घटना पर किसी तरह की कार्रवाई न होने से नाराज फार्मासिस्ट हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज होने और पुलिस के समझाने के बाद इनकी हड़ताल खत्म हो गई है।
बता दें कि सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल परिसर में ही रहने वाले फार्मासिस्ट मनोज कुमार की पत्नी नीलम के साथ सीएमएस, डॉक्टर और कुछ कर्मचारियों पर मारपीट और अभद्रता की थी। इस मामले की सूचना पुलिस को भी दी गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस बात से नाराज जिला अस्पताल के सभी संवर्ग के स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर चले गए थे। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना था कि जब तक दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होगी, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। अस्पताल के कर्मचारियों का कहना था कि मामले को छह दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसलिए मजबूरन उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा।
जिला अस्पताल के परिसर में हुए मारपीट और छेड़छाड़ की घटना के विरोध में लामबंद होकर हड़ताल पर चले गए। स्वास्थ कर्मियों का कहना है कि उनकी हड़ताल तब तक जारी रहेगा जब तक दोषियों के विरुद्ध पुलिस एफआईआर कर उन्हें गिरफ्तार नहीं करती। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को खासा परेशानी उठानी पड़ी।
वहीं जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनुराग भार्गव की मानें तो दो पक्षों में बच्चों द्वारा खेल कूद को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी जिसका वीडीओ हमारे पास है। दोनों पक्षों को समझा दिया गया है और अब कोई किसी तरह का विवाद नहीं रह गया है।
इस बीच, मामले के तूल पकड़ा देख वरिष्ठ अफसरों ने दखल दी और फार्मासिस्ट मनोज कुमार की पत्नी नीलम की शिकायत पर थाना सेक्टर-20 की पुलिस ने छेड़छाड़, लूट और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। इसमें तीन डॉक्टरों को नामजद किया गया है, जिसमें संपत्ति अधिकारी डॉ. शेखर यादव, डॉ. गौरव श्रीवास्तव और डॉ. प्रशांत भट्ट शामिल हैं। फिलहाल तीनों की डॉक्टर भूमिगत हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। रिपोर्ट दर्ज होने और पुलिस के समझाने के बाद हड़ताल खत्म हो गई है।
Published on:
31 Mar 2018 12:54 pm
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