
नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। गौतमबुद्ध नगर के पूर्व सांसद सुरेन्द्र नागर को भाजपा में शामिल कर पार्टी संगठन ने गुर्जर वोटरों को साधने की तैयारी शुरू कर ली है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर वोटरों के बीच दबदबा बढ़ाने के लिए सुरेन्द्र नागर को पार्टी में शामिल किया जाना मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। बीजेपी ने गुर्जर वोटरों में अपनी पकड़ बनाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। वही सदस्यता अभियान में पार्टी का खास ध्यान गुर्जर वोटरों पर पकड़ मजबूत करने में लगा है।
लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खाते से गई थी छह सीटें
सुरेन्द्र नागर को बीजेपी में शामिल करने का फैसला पार्टी ने काफी सोच समझ कर किया है। दरअसल 2014 में भाजपा के खाते में आई बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा की लोकसभा सीटों पर 2019 में हार का सामना करना पड़ा। सपा और बसपा के खाते में तीन-तीन सीटें गई। इन सभी सीटों पर गुर्जर वोटरों के दब दबे को देखते हुए सुरेन्द्र नागर की पार्टी में शामिल किया गया है।
महेश शर्मा को हराकर बने थे सांसद
सुरेन्द्र नागर 2009 में गौतमबुद्ध नगर सीट से लोकसभा का चुनाव जीत पहली बाद संसद पहुंचे थे। तब वह बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार डॉ. महेश शर्मा को 15 हजार वोटों से हराया था। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में जब डॉ. महेश शर्मा बीजेपी से चुनाव लड़ रहे थे, तभी सुरेंद्र नागर बीएसपी से नाता तोड़ कर एसपी में चले गए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी गुर्जर वोटरों में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
वेस्ट यूपी की आधा दर्जन से अधिक सीटों पर गुर्जर वोटरों का दबदबा
जानकारों का मानना है कि वेस्ट यूपी में मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर व बुलंदशहर तक में गुर्जर वोटरों का दबदबा है। वेस्ट यूपी में जाट और गुर्जरों की वोटिंग में 25 से 30 फीसदी तक भागीदारी होती है। ये जाट और गुर्जर परंपरागत रूप से खेती से जुड़े हुए हैं। गौतमबुद्धनगर के करीब 23 लाख वोटरों में 3.5 से चार लाख वोटर गुर्जर हैं।
10 अगस्त को बीजेपी में हुए थे शामिल
वहीं समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने 2 अगस्त को सपा से इस्तीफा दे दिया था। तभी से उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रहीं थी। 10 अगस्त को सुरेन्द्र नागर ने बीजेपी की सदस्यता ले ली। कयास लगाए जा रहे हैं कि उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव में बीजेपी उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजेगी।
2014 के नतीजे
बिजनौर – बीजेपी – कुंवर भारतेन्द्र
नगीना – बीजेपी – यशवंत सिंह
मुरादाबाद – बीजेपी – कुंवर सर्वेश कुमार
रामपुर – बीजेपी – डॉ. नेपाल सिंह
संभल – बीजेपी – सत्यपाल सिंह
अमरोहा – बीजेपी – कंवर सिंह तंवर
2019 के नतीजे
बिजनौर – बीएसपी – मलूक नागर
नगीना – बीएसपी –गिरीश चंद्र
मुरादाबाद – एसपी – एसटी हसन
रामपुर – एसपी – आजम खान
संभल – एसपी – शफीकुर रहमान
अमरोहा – बीएसपी – कुंवर दानिश अली
Published on:
27 Aug 2019 05:15 pm
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