किसान आंदाेलन : गुस्से में किसान दिनभर सड़क पर चला संग्राम

  • हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश तक किसान हुए मुखर
  • दोपहर के समय भाकियू ने भी दिया दिल्ली कूच का नारा
  • मुजफ्फरनगर से राकेश टिकैत किसानाें के साथ रवाना
  • यूपी गेट को पुलिस ने बनाया गया छावनी

By: shivmani tyagi

Updated: 27 Nov 2020, 08:09 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
हरियाणा और पंजाब के बाद उत्तर प्रदेश में भी सरकार की नीतियों से परेशान किसान सड़कों पर उतर आए। कृषि बिल के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया। सहारनपुर से लेकर मथुरा तक किसानों ने हाइवे जाम कर दिया।

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सोनीपत बॉर्डर पर किसानों और फोर्स के बीच टकराव हो गया। यहां किसानों पर बल प्रयोग किया गया तो मुजफ्फरनगर में हाईवे पर बैठे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी दिल्ली चलो का नारा दे दिया और सैकड़ों किसान दिल्ली की ओर चल दिए। अलग अलग राज्यों से किसानों के बढ़ते कदम और उनकी संख्या को देखते हुए सरकार ने दोपहर बाद किसानों को दिल्ली आने की अनुमति दे दी। इस तरह शुक्रवार को किसान सड़कों पर रहे।

मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन ने
सुबह ही किसानाें ने थाना मंसूरपुर क्षेत्र में NH-58 पर नावला कोठी के पास जाम लगा दिया। दोपहर करीब एक बजे तक यहां किसान एकजुट होते रहे और विरोध प्रदर्शन चलता रहा। यहां प्रदर्शन कर रहे किसानों को जब सिंधु बॉर्डर पर किसानों के ऊपर बल प्रयोग करने की खबर मिली तो राकेश टिकैत ने ऐलान कर दिया और किसानों से दिल्ली कूच करने के लिए कहा। इस तरह करीब दो बजे मुजफ्फरनगर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर चल पड़े।

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मेरठ में भी भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यूपी की तरफ से दिल्ली जाने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को जाम कर दिया। किसान हाइवे पर एकत्र हो गए। जटोली गांव के पास भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया। दोपहर बाद तक यहां भी किसान हाईवे पर डटे रहे और प्रदर्शन करते रहे। दोपहर को जब सूचना मिली कि किसानों को दिल्ली में जाने की अनुमति दे दी गई है तो तब इन किसानों का गुस्सा कुछ शांत दिखाई दिया।

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सहारनपुर में किसानों ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बॉर्डर पर जाम लगा दिया। फतेहपुर थाना क्षेत्र में छुटमलपुर के पास किसान हाईवे पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि उन्हें दिल्ली जाने दिया जाए। किसान अपनी बात शांतिपूर्वक तरीके से सरकार के सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सरकार फिर भी किसानों पर अत्याचार कर रही है और उन्हें दिल्ली जाने से रोका जा रहा है।

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गाजियाबाद सुबह से ही दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहा। खुद जिलाधिकारी और एसएसपी लगातार स्थिति का संज्ञान लेते रहे। सुबह ही दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर बैरीगेटिंग लगाकर बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया। इस दौरान आई कार्ड दिखाकर ही लोगों को दिल्ली में प्रवेश दिया गया। यूपी बॉर्डर पर खुद जिलाधिकारी गाजियाबाद और एसएसपी कलानिधि नैथानी मौके पर मौजूद रहे। ड्रोन कैमरे से भी यहां नजर रखी गई।

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मथुरा में किसानों ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया यहां किसान शांतिपूर्ण तरीके अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रहे थे। यहां प्रदर्शन कर रहे किसानों को जब हरियाणा और यूपी बॉर्डर पर किसानों पर हुए लाठीचार्ज का पता चला तो इनका भी गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए किसानों ने यमुना एक्सप्रेस-वे को जाम कर दिया। यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाम लगाए जाने की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल लगाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसानों ने साफ कह दिया कि वह शांत होने वाले नहीं हैं जब किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया।

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थाना बलदेव क्षेत्र के यमुना एक्सप्रेसवे की माइलस्टोन संख्या 133 पर अपनी मांगों को लेकर रोड को जाम कर रहे किसान नहीं माने। इससे एक्सप्रेस वे पर वाहनों की कई किलोमीटर दूर तक लंबी-लंबी कतारें लग गई। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजकुमार ने बताया संगठन के निर्देशन में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। बाद में जब किसानों को पता चला कि दिल्ली के रास्ते खोल दिए गए हैं तो उनका गुस्सा शांत हुआ।

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