
सरकारी कर्मचारी इस तरह कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन
नोएडा। बीजेपी सरकार में कैश लेन देन से लेकर सरकारी काम काज तक ऑनलाइन होने लगे हैं। लेकिन अब सूबे की सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत अब सभी कर्मचारियों को छुट्टी के लिए ना तो कई दिनों तक अधिकारियों के दफ्तर तक चक्कर लगाने पड़ेंगे और न ही उन्हें परेशान होना पड़ेगा। बल्कि अब कहीं से कहीं से भी छुट्टी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आईटी विभाग की ओर से एक सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया है। जिस पर कर्मचारी ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। इस नए नियम से न सिर्फ फर्जी उपस्थिति पर अंकुश लगेगी बल्कि कामचोर कर्मचारियों पर भी लगाम लगेगी।
ऑनलाइन आवेदन देने के लिए आईटी विभाग ने मॉड्यूल तैयार किया है। इसमें तीन ग्रुप हैं। इसी ग्रुप में कर्मचारी को अपने ग्रुप या अवकाश की छंटनी करने के बाद अवकाश लेने से पहले विभागाध्यक्ष को करना होगा। इस ऑनलाइन आवेदन की प्रति मुख्यालय जाएगी। अवकाश लेने के लिए राजकाज पोर्टल पर लीव मॉड्यूल नाम से नया सॉफ्टवेयर बनाया है।
कैसे करें अप्लाई-
ऑनलाइन आवेदन के लिए ई-ऑफिस मॉड्यूल पर लॉगिन कर एप्लीकेशन को सलेक्ट किया जाएगा। इसमें फंक्शन पर क्लिक करते ही लीव का ऑप्शन आएगा। इसमें मैनेज लीव के साथ अपना पदनाम, क्रम संख्या को सलेक्ट करना होगा। इसमें अवकाश संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि इसमें कोई त्रुटि रह गई तो फॉर्म अपलोड नहीं होगा।
यह जानकारी भरनी होगी-
विभाग की जानकारी
किस पद पर कार्यरत
कितने दिन का अवकाश लेना है
अवकाश लेने का कारण
अधिकारी भी देख सकेंगे
इस फार्म को भरने के बाद विभाग के हेड द्वारा ऑनलाइन स्वीकृति मिलने के बाद ही अवकाश स्वीकृत माना जाएगा। यह काम मानव सम्पदा पोर्टल (ehrms.nic.in) के जरिए होगा। इस पोर्टल के ऐप के जरिए कर्मचारी मोबाइल से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे कर्मचारियों को जहां दौड़-भाग से राहत मिलेगी। वहीं छुट्टी के नाम पर होने वाला फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगेगी। वहीं सूचना निदेशक डॉ.उज्ज्वल कुमार के आदेश पर लखनऊ में पोर्टल पर डेटा अपलोड करने की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस पोर्टल को शासन के अधिकारी भी देख सकेंगे। पोर्टल लॉन्च होने के बाद कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे।
फर्जी उपस्थिति पर लगेगी लगाम-
दरअसल छुट्टी को लेकर अक्सर फर्जीवाड़ा सामने आता रहा है। कई बार तो कर्मचारी छुट्टी से वापस आने के बाद बैक डेट में आवेदन देते हैं। इस तरह फर्जी कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। ऐसे में अब सभी सरकारी कर्मचारियों को पहले अपने लॉगिंन से अवकाश के लिए अप्लाई करना होगा। इसके बाद विभाग का सीनियर अफसर इस पर स्वीकृति अपने विवेकानुसार देगा। साथ ही वह अवकाश प्रार्थना पत्र को ऑनलाइन ही रिजेक्ट भी कर सकता है। गौरतलब हो की देश भर में शिक्षा विभाग में शिक्षकों को लेकर इस तरह के काफी मामले सामने आ रहे हैं। इस पोर्टल पर सभी विभागों में आवश्यक सूचना के अदान-प्रदान के साथ ही संबंधित कर्मचारी के ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी दस्तावेज ऑनलाइन ही भेजे जाएं।
Updated on:
23 Jul 2018 05:44 pm
Published on:
23 Jul 2018 03:16 pm
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