
Symbolic Photo of Cyber crime
उत्तर प्रदेश में नोएडा साइबर अपराध के मामले में अव्वल नम्बर पर है. जबकि साइबर अपराध के मामले में नोएडा के बाद प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दर्ज किये जाते है. कोरोना काल में जब लॉकडाउन के कारण अन्य अपराध का ग्राफ नीचे रहा था क्योंकि लोग घर से बाहर नहीं निकल सके। इस दौरान अधिकतर लोगों ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए ही खरीदारी की। इसी बीच साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए।
जब साइबर अपराध जिक्र होने पर नाइजीरियन का रोल सबसे ज्यादा अहम नजर आता है. स्थित ये है कि दो महीने में 30 से ज्यादा साइबर फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में साइबर क्राइम पुलिस ने कई नाइजीरियन को गिरफ्तार किया। दो दिन पहले ही नोएडा के साइबर थाने ने नाइजीरियन आरोपी ऑशिटर चर्चिल को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चर्चिल ने से दोस्ती कर फर्जी महंगे गिफ्ट और विदेशी करंसी भेजकर कस्टम ड्यूटी जमा कराने के नाम पर ठगी करता था। ऑशिटर चर्चिल शादी डॉटकॉम, जीवन साथी डॉटकॉम सहित अन्य ऑनलाइन साइट्स के माध्यम से ठगी के लिये अपना शिकार तलाश करता था फिर महिलाओं से दोस्ती कर फर्जी महंगे गिफ्ट और विदेशी करंसी भेजकर कस्टम ड्यूटी जमा कराने के नाम पर ठगी करता था। इसने लखनऊ मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर से एक करोड़ 7 लाख, आगरा की एक प्रोफेसर से 46 लाख की ऐसी ठगी की है।
इससे पहले नोएडा कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने राजधानी दिल्ली से ऑपरेट कर रहे 4 नाइजीरियन नागरिक गैंग के सदस्य जस्टिन बिली, अब्राहम लिकन, सिलवेस्ट्री, मार्टिन को गिरफ्तार किया था. इस गैंग के सदस्यो ने सेक्टर 28 में रहने वाली रखने वाली एक महिला के साथ ऐसे ही फ्राड किया था. पहले ऑनलाइन दोस्ती की, फिर उनका विश्वास जीतकर बर्थडे पर महंगा गिफ्ट देने की बात की. और फिर बताया की गिफ्ट ज्यादा महंगा होने के कारण कस्टम में फंस गया है उसको क्लियर कराने के लिए पैसे की जरूरत है और फिर अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर गायब गायब हो गया.
विदेश में व्यापार करने का झांसा देकर ठगी करने में नाइजीरियन एक्सपर्ट हैं। साइबर क्राइम एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि 24 जून 2021 को गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर 9 निवासी सौमित्र चक्रवर्ती से सोशल मीडिया के माध्यम से जोना नाम की विदेशी महिला ने संपर्क किया। जोना मुख्य आरोपी के साथी है। महिला ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विदेश में व्यापार का लालच देकर पीड़ित से करीब 88 लाख रुपए ठग लिए थे। इस मामले में मौरेस स्लीवर नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मौरेस मूलरूप से नाइजीरिया के असाबा डेल्टा स्टेट का रहने वाला है।
साइबर ठग ऑनलाइन फॉर्म भरवाकर ठगी- इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के एक लिंक भेजते है। लिंक के जरिए वे एक फॉर्म भरवाते हैं, जिसमें डेबिट और क्रेडिट की जानकारी मांगी जाती है। वे भरते ही एकाउंट खाली हो जाता है। अधिकतर मामलों में देखा गया कि ओटीपी चार और छह नंबर के होते हैं। ऐसे में ठग यूनिक कोड का प्रयोग करते हैं। ये तीन डिजिट के होते हैं। इसको डायल करते ही मोबाइल वैलेट की पूरी जानकारी ठगों के पास पहुंच जाती है।
गौतम बुध्द नगर पुलिस कमिश्नरेट लोगो को साइबर अपराध जागरूक करने के तरीके बताए है. :
- इंटरनेट बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसेकि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़ वाले स्थान पर न करें।
- इंटरनेट बैंकिंग या किसी भी जरूरी अकाउंट में लॉगिन करें तो काम खत्म कर अपने अकाउंट को लॉगआउट करना न भूलें।
- अपने पर्सनल कंप्यूटर के पासवर्ड को मजबूत रखिए जो आसानी से किसी को पता न चले।
- किसी भी स्पैम ई-मेल का उत्तर न दें। अंजान ई-मेल में आए अटैचमेंट्स को कभी खोल कर न देखें या उस पर मौजूद लिंक पर क्लिक न करें।
- आकर्षक गिफ्ट या इनाम के झांसे में आकर अपनी निजी जानकारी, बैंक अकाउंट नंबर या बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी न दें।
Published on:
03 Apr 2022 07:21 am
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