
नोएडा। जेपी बिल्डर्स के घर खरीदने वालों के लिए बहुत बुरी खबर सामने आई है। एनसीएलटी ने जेपी इंफ्रा को दिवालिया घोषित कर दिया है। जिससे शहर के हजारों निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल एनसीएलटी यानि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की एक याचिका पर सुनवाई की, जिसके बाद गुरुवार को जेपी इंफ्रा को दिवालिया घोषित कर दिया गया।
जेपी इंफ्रा पर 8 हजार 365 करोड़ का कर्ज है। जिसे चुकाने में वह नाकाम नजर आ रहा है। एनसीएलटी ने जेपी को 270 दिन का समय दिया, जिसमें उसे खुद की स्थिति साबित करनी होगी। यदि जेपी इंफ्रा खुद की स्थित साबित नहीं कर पाता व कर्ज को चुकाने में नाकाम रहता है तो बिल्डर की प्रॉपर्टी जब्त की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि जेपी बिल्डर के नोएडा-ग्रेटर नोएडा में करीब 32 हजार फ्लैट निर्माणाधीन हैं।
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जेपी इंफ्राटेक या जेपी बिल्डर्स को दिवालिया घोषित कर दिया है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा में जेपी बिल्डर से जिन्होंनें घर खरीदा है ये खबर उनके लिए खास तौर पर झटका देने वाली है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा में 32 हजार नए घर जेपी बिल्डर्स बना रहा है वो इस आदेश के बाद फंस गए हैं। कल बुधवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की इलाहाबाद बेंच ने आईडीबीआई बैंक की याचिका को स्वीकार कर लिया। इसी के आधार पर जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया कंपनी घोषित कर दिया। इसी आदेश के साथ कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को सस्पेंड कर दिया गया है और अब कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल एक एक अधिकारी नियुक्त करेगी जो 270 दिनों में जेपी के फाइनेंस की जांच करेगा।
जानकारी के मुताबिक अधिकारी किन्हीं 7 अकाउंटिंग फर्मों से चुनेंगे। वहीं एनसीएलटी ने यह साफ कहा है कि अगर 270 दिनों के अंदर यानी 9 महीने में जेपी के हालात नहीं बदले तो जेपी इंफ्राटेक की संपत्ति भी नीलाम कर दी जाएगी। यहां आपको बता दें कि जेपी इंफ्राटेक जो जयप्रकाश एसोसिएट्स की मुख्य बड़ी कंपनियों में से एक है।
Published on:
10 Aug 2017 08:29 pm
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