नीतीश कटारा हत्याकांड के मुख्य आरोपी विकास यादव, विशाल यादव और सुखदेव पहलवान की सजा में से पांच-पांच साल की सजा कम कर दी गयी है। आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी सजा कम किये जाने की अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नीतीश कटारा हत्याकांड के आरोपियों की हत्या की सजा में कोई कमी नहीं की जायेगी। बल्कि सबूत (लाश को जलाने की कोशिश) को मिटाने के लिए अलग से दी गयी पांच साल की सजा भी हत्या की सजा के साथ-साथ चलेगी।
विकास यादव को नीतीश कटारा की हत्या के लिए 25 साल और सबूत मिटाने के लिए 5 साल की अलग से सजा दी गयी थी। यानी कोर्ट के पिछले आदेश के मुताबिक उसे 30 साल जेल में गुजारने थे। लेकिन कौर्ट के नए आदेश के बाद अब उसे सिर्फ 25 साल जेल में काटने पड़ेंगे। विकास अब तक लगभग 14 साल जेल में बिता चुका है। इस तरह कम से कम 11 साल उसे और जेल में बिताने होंगें। हत्याकांड के अन्य आरोपी सुखदेव पहलवान की सजा में भी इसी तरह पांच साल की राहत मिल गयी है।
नीतीश कटारा की मां ने जताया सन्तोष
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हत्याकांड में मारे गए युवक नीतीश की मां ने कहा कि वे अदालत के फैसले से पूरी तरह सन्तुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से ख़ुशी है कि आरोपियों को हत्या के अपराध की सजा में कोई कमी नहीं की गयी है।
प्रेम सम्बन्ध के कारण हुई थी नीतीश की हत्या
नीतीश कटारा दिल्ली में रहने वाला एक प्रोफेशनल था। पढ़ाई करने के दौरान उसका सम्बन्ध भारती यादव नाम की एक लड़की के साथ हो गया था। भारती पश्चिमी यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव की बेटी थी। जब प्रेम सम्बन्ध की बात भारती के आपराधिक प्रवृत्ति के भाई विकास को पता चली तो उसने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन भारती के पीछे न हटने के बाद विकास और उसके चचेरे भाई विशाल यादव ने नीतीश कटारा का गाजियाबाद की एक शादी से अपहरण कर लिया था। उसी दिन उन्होंने नीतीश की हत्या भी कर दी। नीतीश की अधजली लाश अगले दिन बुलंदशहर से बरामद की गयी थी।
नीतीश की मां ने अपने बेटे को इन्साफ दिलाने की लड़ाई लड़ी और मीडिया के भारी सहयोग से दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सका।