8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नोएडा में कूड़ा नष्ट करने के लिए प्राधिकरण ने निकाली नर्इ तरकीब, जाने क्या…

250 करोड़ की लागत से बनेंगा वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, अंडर ग्राउड़ रहेगा कूड़ा

2 min read
Google source verification
Garbage and Dirt Spread in Colonies of Kota

कोटा. विज्ञान नगर स्थित पीएनटी कॉलोनी में डाक विभाग की कॉलोनी के चारों तरफ कई वर्षों से गंदगी व कचरा फैला हुआ है।

नोएडा. शहर को स्वच्छ बनाने और रोजाना निकलने वाले सैकड़ों मेट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के लिए प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत प्राधिकरण द्वारा सेक्टर- 123 में वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। जो कूड़े को रिसाइकल कर राख में बदल देगा। जिसके बाद इस राख को यहां स्थित 25 एकड़ जमीन पर डाला जाएगा। हालांकि अभी तक आसपास के लोग व कई संगठन प्राधिकरण की इस योजना का विरोध कर रहे हैं। लेकिन प्राधिकऱण के अधिकारियों की मानें तो प्लांट लगाए जाने से यहां किसी तरह का कूड़ा खुले में नहीं डाला जाएगा। कूड़ा सीधा ढ़की हुई गाड़ियों से लाया जाएगा और प्लांट में रिलाइकलिंग के लिए डाल दिया जाएगा। इससे आसपास के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

यह भी पढ़ेें- अजीबो-गरीब घटना: प्रेमिका का इस्तेमाल कर ये प्रेमी करता था ऐसा काम, पुलिस भी हुई हैरान

250 करोड़ की लागत से बनेगा प्लांट

प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-123 में 25 एकड़ में वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया जाएगा और इसके निर्माण में कुल 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कचरा निस्तारित होने के बाद निकलने वाली राख भी इसी जमीन में डिस्पोज की जाएगी। धूल को रोकने व पर्यावरण प्रदूषण को बचाने के लिए यहा चारदिवारी ग्रीन बेल्ट का निर्माण किया जाएगा।

इंदौर की तर्ज पर लगेगा प्लांट
शहर के कूड़े का निस्तारण करने के लिए सेक्टर- 123 में लगने वाला प्लांट इंदौर की तर्ज पर लगाया जाएगा। जिसे ठोस कचरा प्रबंध संयंत्र के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। प्राधिकरण ने दावा किया कि सयंत्र से किसी भी प्रकार की बदबू या पर्यावरण प्रदूषण का खतरा नहीं है। लिहाजा सोसाइटी के लोग निश्चिंत रहे।

शहर में खुले में नहीं दिखेगा कूड़ा
सेक्टरों से कूड़ा सयंत्र तक पहुंचाने का तरीका भी बिल्कुल अलग होगा। सेक्टर में जहां अभी तक खुले में कूड़ा घर बने हैं। वहां अंडरग्राउंड कूड़ा घर बनाए जाएंगे। जिसमे दो प्रकार के बड़े डस्टबीन लगाए जाएंगे। पहले गीले कूड़े के लिए दूसरा सूखे कूड़े के लिए। सलाहकार कंपनी ने अपने प्लान में कूड़े को प्लांट तक पहुंचाने के लिए भी बेहतर ट्रांसपोटेशन बताया है। इसके लिए एक विशेष गाड़ी का प्रयोग किया जाएगा। गाड़ी में गीला व सूखा कूड़े अलग-अलग रखा जाएगा। जिसे प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। यहां गीले व सूखे कूड़े का अलग-अलग निस्तारण किया जाएगा।

पर्यावरण का रखा जाएगा पूरा ध्यान
प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर के मिश्रा ने बताया कि प्लांट के चारो और चार दिवारी बनाई जाएगी। चार दिवारी के साथ ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। प्लांट में बेहतर एसटीपी प्लांट का लगाया जाएगा। यहां से शोधित पानी ही नालों में गिराया जाएगा। सीधे शब्दों में यूं कहे कि यह प्लांट कूड़ा निस्तारण के लिए नहीं बल्कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट है। जिसके जरिए कचरे को रिसाइकल कर इसका प्रयोग सड़क, सीमेंट उत्पादन करने के लिए किया जाएगा।