
अपराधी से शक्ल मिलने पर आबू धाबी में हिरासत में लिए गए कारोबारी प्रवीण शर्मा की घर वापसी
सरकार और जिला प्रशासन के प्रयासों की कोशिश के बाद नोएडा के कारोबारी प्रवीण शर्मा की घर वापसी हो गई है। उन्हें आबू धाबी में पुलिस ने एक अपराधी से शक्ल मिलने के बाद हिरासत में ले लिया गया था। जबकि उनकी पत्नी को भारत डिपोर्ट कर दिया गया था। जिसके बाद लगातार प्रवीण शर्मा का परिवार लगातार उनकी रिहाई के लिए भारत सरकार, प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से लगातार गुहार कर रहा था। ऐसे में जब प्रवीण शर्मा रिहाई के बाद एयरपोर्ट से बाहर आए तो परिवार वाले उनसे मिलकर भाव विहल हो गए। परिजनों ने फूलों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
सीमेंट कंपनी की तरफ से मिला था टूर पैकेज
प्रवीण शर्मा कहते हैं कि आबू धाबी में मुझे रात भर रोके रखा गया और दबाव डाला गया कि जो अधिकारी कह रहे हैं, उसे मैं स्वीकार करूं। उसके बाद मुझे दूसरे शहर ले जाया गया, वहां भी कई प्रकार से सवाल पूछे गए। उन्होंने अपनी वापसी के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा तत्काल कदम उठाने के लिए शुक्रिया अदा किया। बता दें कि नोएडा के हबीबपुर गांव के रहने वाले प्रवीण शर्मा का स्टील और सीमेंट का कारोबार है। बेहतर कारोबार करने और कंपनी को लाभ पहुंचाने के एवज में सीमेंट कंपनी की तरफ से उनको और उनकी पत्नी को स्वीटजरलैंड के लिए टूर का पैकेज दिया गया था।
आबू धाबी एयरपोर्ट पर फ्लाइट बदलते हुए पकड़ा
प्रवीण शर्मा ने बताया कि वह अपनी पत्नी उषा शर्मा के साथ 11 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट से स्वीटजरलैंड के लिये रवाना हुए थे। उनकी पत्नी उषा शर्मा का कहना है कि स्विजरलैंड जाने के लिए फ्लाइट आबू धाबी एयरपोर्ट पर बदलनी पड़ती है। इसी दौरान आबू धाबी पुलिस ने प्रवीण शर्मा को एयरपोर्ट पर रोक लिया। उनका कहना था कि उनका चेहरा केरल के किसी अपराधी से मिलता-जुलता है। आबू धाबी पुलिस ने प्रवीण कुमार को हिरासत में ले लिया। जबकि उनकी पत्नी उषा को भारत डिपोर्ट कर दिया। उसके बाद से ही परिवार का रो-रो के बुरा हाल था। उषा शर्मा ने बताया कि वह दोनों पहले भी थाईलैंड और लंदन गए थे। इस दौरान कहीं भी पूछताछ नहीं हुई।
सीमेंट कंपनी की तरफ से नहीं मिली कोई मदद
उषा शर्मा कहती है कि सीमेंट कंपनी की तरफ से हमें किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद हम लोगों ने केंद्र सरकार और जिला प्रशासन से प्रवीण को वापस भारत लाने के लिए मदद की गुहार की थी। जो अंततः रंग लाई और प्रवीण कुमार वापस भारत आ पाए। इसके लिए मैं केंद्र सरकार और जिला प्रशासन की शुक्रगुजार हूं।
Published on:
16 Oct 2022 11:14 am
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
