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नोएडा में बायर्स को समझाने आए जेपी के मालिक मनोज गौड़ के पीछे दौड़ पड़े लोग

फ्लैट बायर्स और बिल्डर के बाउंसरों के बीच हुई धक्का-मुक्की, लोगों ने जेपी के मालिक मनोज गौड़ को बताया चोर, जेपी के खिलाफ NCLT गए IDBI बैंक के जीएम भी

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manoj gaur

नोएडा। एनसीएलटी के फैसले के बाद निवेशकों का गुस्ता सातवें आसमान पर है। इसकी बानगी शनिवार को सेक्टर-128 स्थित जेपी के सेल्स आॅफिस में देखने को मिली। मुख्य गेट पर गॉर्डों ने निवेशकों को अंदर जाने से रोका। इससे गुस्साए निवेशक बैरीकेड को तोड़ते हुए आॅफिस में घुस गए। भारी तोड़फोड़ के बाद पूरे आॅफिस पर कब्जा जमा लिया। निवेशकों यह भी कहा कि उनका अगला पड़ाव बीजेपी का राष्ट्रीय मुख्यालय है। निवेशकों का जेपी इंफ्राटेक के पास करीब 18 हजार करोड़ रुपए बकाया है। जेपी के 32 हजार फ्लैटों का निर्माण कार्य जारी है। इन फ्लैटों में अपनी गाढ़ी व जीवन भर की कमाई लगा चुके निवेशक शनिवार को सेल्स अफिस पहुंचे। सुबह 10 बजे गेट पर हंगामा करने के बाद तोड़फोड़ का सिलसिला शुरू हुआ। बात नहीं मानने पर निवेशकों ने सेल्स आॅफिस में टीन शेड व अन्य सामान भी तोड़ दिया। हंगामे के दौरान निवेशकों ने सरकार व जेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।







मेरे पास नहीं है सवालों के जवाब, मुझ पर रखें विश्वास

निवेशकों का गुस्सा शांत करने के लिए सेल्स आॅफिस में बैठे जेपी के सीएमडी मनोज गौड़, आईडीबीआई बैंक के जीएम सिन्हा व एनसीएलटी के लीगल एडवाइजर अरुण जैन पहुंचे। मनोज गौड़ ने स्पष्ट कहा कि उन पर विश्वास रखें। अगर वह गलत होते तो बायर्स के बीच नहीं आते, लेकिन इस समय निवेशकों के सवालों के जवाब उनके पास नहीं हैं। मीडिया में चल रही खबरें सही नहीं हैं। वह भ्रामक हैं। जेपी ग्रुप दीवालिया नहीं हुआ है। अभी जुलाई में ही उन्‍हाेंने 1300 लोगों को एफडी के पैसे दिए हैं। उन पर विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक के जीएम ने बताया कि एनसीएलटी में डाली गई याचिका आरबीआई के दबाव में डाली गई। जल्द ही इसक पूरा समाधान निकाल लिया जाएगा। वो विश्वास दिलाने के लिए ही आईडीबीआई बैंक के जीएम को साथ लेकर आए हैं।

जब मारपीट को रोकने पहुंचे बाउंसर

जेपी अधिकारियों का विश्वास खो चुके निवेशकों को जब सवालों का जवाब नहीं मिला तो वह मनोज गौड़ के पीछे गए। इस दौरान मनोज के साथ आए बाउंसरों ने निवेशकों को रोकने की कोशिश की। गुस्साए निवेशकों व बाउंसरों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। किसी तरह मनोज गौड़ वहां से निकल गए। इस दौरान निवेशकों ने जमकर जेपी के खिलाफ नारेबाजी की। परेशान निवेशकों ने स्पष्ट कहा कि उन्‍हें आस थी कि मोदी सरकार आने के बाद उन्‍हें अपने घर जरूर मिल जाएंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यदि वह अपना वोट बैंक बचाना चाहते हैं तो एक बार उनसे मिलना चाहिए था। निवेशकों ने बताया कि रविवार को वह दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय का घिराव करेंगे।

परेशान निवेशकों ने बताया अपना हाल

बायर वंदना बाधवा ने कहा, अभी-अभी बेटी की शादी की है। पति ने पीएफ का पूरा पैसा लोन ले लिया। अब अगर जमा पैसों की बात करे तो वह पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। एक इस प्लैट पर ही आसरा था। यह घर मिल जाए तो परेशानी दूर हो जाए। वह भी नहीं मिला। ऐसा लगता है सारे नेता भी बिल्डरों के साथ मिले हुए हैं। मेरे पास अब भी एक पैसा नहीं है।

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