
अब घरेलू सहायिकाओं ने भी वेतन के लिए सड़क पर इकट्ठा होकर नारे लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है।
Noida protest updates: उत्तर प्रदेश के नोएडा में जारी मजदूरों के आंदोलन के बीच मंगलवार को उस वक्त एक नया मोड़ आ गया जब घरों में काम करने वाली महिलाओं ने (मेड्स) भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर धरना देने लगी। शहर के अलग-अलग इलाकों में सहायिकाओं की नौकरी करने वाली इन महिलाओं ने यह प्रदर्शन ज्यादा वेतन और बेहतर काम करने की हालातों को ठीक करने की मांग को लेकर किया। महिलाओं का कहना है कि उन्हें केवल 2,500 से 3,000 रुपए महीना तक का वेतन ही मिलता है और पूरे महीने में केवल दो छुट्टी ही दी जाती है, इससे ज्यादा छुट्टी करने पर पैसा काट लेते हैं या चोरी का इल्जाम लगा देते हैं।
एबीपी की एक रिपोर्ट के अनुसार वेतन वृद्धि की मांग करते हुए महिलाओं ने बताया कि बढ़ती महंगाई के हिसाब से उनका कमाई बहुत कम है और इसके मुकाबले काम के घंटे बहुत ज्यादा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें कोई छुट्टियां तक नहीं दी जाती हैं। महिलाओं ने चार छुट्टी की मांग करते हुए कहा कि 'हमें महीने में चार छुट्टी चाहिए, क्योंकि हम बच्चों को टाइम नहीं दे पाते हैं, वो बीमार होते हैं तो हम उनकी देखभाल तक नहीं कर पाते।'
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आगे कहा 'आज आसमान छूती महंगाई के दौर में ढाई-तीन हजार रुपए के वेतन में महीनाभर घर बिलकुल ही कमर तौड़ देने जैसा है। इस हालत में घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है।' उन्होंने कहा, 'सब जगह इतनी ज्यादा महंगाई बढ़ गई है, गैस का पैसा, राशन का पैसा, स्कूल की फीस सब कुछ बढ़ गया है। इन लोगों के बच्चे प्राइवेट स्कूल में जाते हैं तो हमारे बच्चे क्यों नहीं जा सकते।'
इसके अलावा उन्होंने बताया कि ओवरटाइम की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सड़क पर इकट्ठा होकर नारे लगाए और कहा कि जब तक हमारा वेतन नहीं बढ़ाया जाता, तब तक हम वापस काम पर नहीं लौटेंगे।
उधर गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने इस प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि क्लियो काउंटी, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-121, सेक्टर-70 में घरों में काम करने वाली घरेलू सहायिकाओं (मेड) ने काम का पैसा बढ़ाने के लिए प्रदर्शन किया गया था, इस दौरान वहां के हालात शांतिपूर्ण रही तथा कानून-व्यवस्था में भी किसी तरह की कोई दिक्कत उत्पन्न नहीं हुई।
महिलाओं का यह विरोध-प्रदर्शन फैक्ट्री मजदूरों ने किए गए हिंसक प्रदर्शनों के एक दिन बाद हुआ, जिसने पूरे शहर में सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। हालांकि राज्य सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी की घोषणा के बाद भी मंगलवार को भी नोएडा में श्रमिकों का आंदोलन जारी रहा, इस दौरान जहां कुछ इलाकों में पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, वहीं कई औद्योगिक क्षेत्रों में कारखानों के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया।
Published on:
14 Apr 2026 04:31 pm
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
