
ऐसा था यह गैंग बच्चों के नाम फंसाने की धमकी देकर इस तरह ठगता था अरबों रुपये
नोएडा. साइबर ठगो के खिलाफ यूपी पुलिस का अभियान जारी है। पुलिस और साइबर सेल की टीम ने कंप्यूटर में वायरस अटैक का झांसा देकर 1400 से अधिक विदेशियों को ठगने वाले 9 फर्जी कॉल सेंटरों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से 27 आरोपियों को अरेस्ट किया है। पकड़े गए आरोपियों में गाजियाबाद के 8, नोएडा और ग्रेनो के 5, दिल्ली के 8, हापुड, फरीदाबाद और एटा के रहने वाले एक-एक आरोपी शामिल है। ये देश के साथ-साथ विदेशियों से भी अरबों रुपयें की ठगी गिरोह कर चुका है।
साइबर सेल और नोएडा पुलिस के इस संयुक्त आपरेशन में नोएडा के थाना 20 से चार, थाना 58 से दो, थाना इकोटेक से एक सहित थाना फेस-3 से एक फर्जी कॉल सेंटरों पर छापामारी की थी। ये कॉल सेंटर यूएसए, कनाडा व ऑस्ट्रेलिया के लोगों के कम्प्यूटर स्क्रीन पर वायरस का मैसेज भेजकर कंप्यूटर ठीक करने के नाम पर ठगी किया करते थे। पुलिस ने इनके पास से 33 हार्डडिस्क, 9 डीबीआर, 12 सर्वर, 1 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर, 6 पीसी, 1 थिंकपैड, 18 सीपीयू, 8 लैपटॉप, 26 चेकबुक, 10 मोबाइल, 7 मॉनिटर, 8 की-बोर्ड, 8 माऊस, 6 पैनड्राइव, 6 बिल फ़ाइल, 5 पैनकार्ड, 2 लैपटॉप चार्जर, सहित 150000 रुपए की नगदी बरामद की है।
ये सभी लोग यूएसए, कनाडा व ऑस्ट्रेलिया के लोगों के कम्प्यूटर स्क्रीन पर वायरस का मैसेज भेजकर कम्प्यूटर ठीक करने के नाम पर ठगी किया करते थे। अधिकारियों का कहना है की माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी की शिकायत के बाद के बाद ये कार्रवाही की गई है। एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया कि काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि कॉल सेंटर ऐसे पॉप अप मेसेज भेजते है, जो स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है। उधर ये आरोपी मोटी रकम लेकर पॉप अप मेसेज को बंद कर देते थे। आरोपियों ने बताया कि जो पॉप अप मेसेज भेजा जाता था, वह कोई वायरस नहीं होता था। यह वायरस जैसे लगता था, इससे सिस्टम में कोई खराब भी नहीं होती थी।
विदेशियों को ऐसे भी ठगते थे ये आरोपी
चाइल्ड पोर्नो्ग्राफी में फंसाने की धमकी देकर भी ये विदेशियों को ठगी का शिकार बनातेे थे। ये विदेशियों से कहते थे कि कुछ दिन पहले आप चाइल्ड पोर्नोग्राफी देख रहे थे। उन्हें इसकी पूरी जानकारी है। अमेरिका की खुफिया विभाग से शिकायत करने की धमकी देते थे। इस एवज में ये मोटी रकम वसूलते थे।
खाडी देश में चला रहा था गोरखधंधा
दर्जनों देशों के 1400 से अधिक लोगों को पॉप अप मेसेज कर ठगने वाले कॉलसेंटर भले ही देशभर में चल रहे है, लेकिन अर्तराष्ट्रीय सरगना नोएडा में चल रहे कॉलसेंटरों पर नजर टिकाए हुए है। यह खाडी देश में रहकर पूरे नेटवर्क को आॅपरेट कर रहा है। यह किसी से मिलता नहीं है। इसका काम बड़ी विदेशी कंपनियों के आईपी एड्रेस व तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराना है। यह दुनियाभर में ऐसे फर्जी कॉलसेंटरों को आॅपरेट कर रहा है। पूरा मामला सामने आने पर इंटरपोल भी सक्रिय हो गया है। ये आरोपी बल्क में विदेशियोें को पॉप अप मैसेज भेजते है। इसके लिए उन्हें विेदेशी लोगों के कंप्यूटर के आईपी एड्रेस की जरुरत होती है। इंटरपोल जांच कर रहा है कि इनके पास में आईपी एड्रेस कहां से आता है। जांच में जुटी नोएडा, एफबीआई, इंटरपोल और कनाडा पुलिस की सरगना खाड़ी देश का होने का मालूम हुआ है। फिलहाल जांच की जा रही है।
विदेशी मीडिया में छा गई नोएडा पुलिस
आए दिन फर्जी कॉलसेंटरों के खुलासे के बाद में नोएडा पुलिस विदेशी मीडिया की नजर में आ गई है। दरअसल में कनाडा, यूएस और आॅस्ट्रेलिया समेत कई देशों की सुरक्षा एजेंसी नोएडा पुलिस के संपर्क में आई थी। नोएडा से बड़ी संख्या में विदेशी लोगों को ठगने का अड्डा बना था। जिससे देखते हुए एफबीआई और कनाडा पुलिस नोएडा के एसएसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा से मिली थी। साथ ही साइबर ठगो की कमर तोड़ने के लिए पूरी प्लांनिंग भी की थी। एफबीआई और कनाडा पुलिस ने नोएडा के एसएसपी की सहराना की है।
Published on:
30 Nov 2018 10:17 am
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