
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा। एक तरफ पेट्रोल दिन प्रतिदिन महंगा होता जा रहा। आये दिन सड़कों पर जाम की समस्या लगी रहती है। ऑटो वालों की मनमानी बंद होने का नाम नहीं ले रही और ऊपर से अब पीक ऑवर में दस मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए जाने से आम लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है।खासकर स्कूल,ऑफिस खुल जाने के बाद महिलाओं और बच्चों को मेट्रो पकड़ने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। यह कहना है कि विरोध करने वाले नोएडावासियों का। जो रविवार को बड़ी संख्या में एक्वा लाइन के मेट्रो स्टेशन 101 पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। वहां उपस्थित मेट्रो अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद वह मेट्रो से यात्रा करते हुए ट्रांसजेंडर स्टेशन 50 तक जाकर वहां के अधिकारी को भी ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन वहां उपस्थित मेट्रो अधिकारी प्रभुनाथ भारती तथा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने लोगों को मेट्रो से यात्रा करने की अनुमति नहीं दी।
नेफोवा महासचिव श्वेता भार्ती ने बताया कि सेक्टर 101, 50 सहित 10 मेट्रो स्टेशन को पीक ऑवर में बन्द कर दिया गया है। ट्विटर के द्वारा भी पिछले कई दिनों से बंद मेट्रो स्टेशन को पुनः खोले जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन एनएमआरसी, नोएडा प्राधिकरण, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से लोग निराश व क्षुब्ध होकर बार बार प्रदर्शन के लिए मजबूर हो रहे हैं। आसपास की सोसाइटी के रेसिडेंट्स के साथ साथ अगल बगल के गाँव के निवासी भी मेट्रो बंद होने से प्रभावित हो रहे हैं। मेट्रो बंद किये जाने का निर्णय बिना सोचे समझे लिया गया है। इससे सिर्फ लोगों की परेशानी बढ़ी है। 9 मिनट फ़ास्ट मेट्रो चलाने की दलील बेकार है। मेट्रो नही रुकने से गर्मियों में और भी परेशानी बढ़ जाएगी।
यह भी देखें: अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी
वहीं 7 एक्स वेलफेयर टीम के ब्रजेश शर्मा ने बताया कि लोगों को मेट्रो पकड़ने के लिए एक मेट्रो से दूसरे मेट्रो स्टेशन भटकना पड़ रहा। पिछले साल ही सेक्टर 50 को नार्थ इंडिया का पहला ट्रांसजेंडर स्टेशन घोषित किया गया और 6 महीने के अंदर इसे बन्द किये जाने से लोगो मे खासी नाराजगी है। सेक्टर 101 के आसपास अन्तरिक्ष गोल्फ व्यू, विंडसर कोर्ट, इत्यादि दर्जनों सोसाइटी है जहां रहने वाले लोग मेट्रो से सफर करते हैं।
Published on:
28 Feb 2021 04:11 pm
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
