
क्या है कोठी नंबर D-40 का काला सच?
Renu Sinha Murder Case: नोएडा की रहने वाली रेनू सिन्हा ने जीवन में वो सब हासिल किया जो एक कामयाब महिला के पास होने चाहिए। उन्हें अपने जीवन में सब कुछ मिला। सुप्रीम कोर्ट की एक बेहतर वकील, एक अच्छे परिवार में शादी हुई। बेटा अमेरिका में सेटल है। रेनु ने सब कुछ हासिल किया लेकिन उनके वैवाहिक जीवन पर हमेशा ग्रहण लगा रहा। रिश्तेदारों के मुताबिक दोनों पति-पत्नी कहने को 33 साल से साथ रह रहे थे लेकिन खुशहाल नहीं थे। आखिरकार एक दिन पति नितिन नाथ सिंह की जिद का शिकार रेनुु सिन्हा हो गई। नितिन नाथ चाहता था कि रेनु सेक्टर 30 वाला घर बेंच कर उसके साथ ब्रिटेन में बस जाए लेकिन रेनु बिल्कुल इसके खिलाफ थी। अंत में बीते रविवार को करीब 9:30 बजे नितिन ने उसकी गला दबा कर हत्या कर दी। नितिन की इस करतूत के बारे में जानकर किसी की भी रूह कांप जाए।
उस दिन क्या हुआ कोठी नंबर D-40 ?
नितिन नाथ के सर पर सेक्टर-30 वाले घर यानी कोठी नंबर D-40 को बेचकर ब्रिटेन भागने का धुन सवार था। वह किसी भी तरह से यहां से भागना चाहता था। उसके पास ब्रिटेन का पासपोर्ट भी था। नितिन नाथ की इस चाहत को रेनु सिन्हा ने पूरा नहीं होने दिया और नितिन के हाथों अपनी जान गवां बैठी।
रविवार की सुबह 9.30 बजे नितिन ने रेनू को बताया कि उसे सेक्टर 30 की कोठी नंबर D-40 बेचनी है। रेनू ने इस फैसले से इनकार कर दिया। शायद पहले ही नितिन ने प्लान बना रखा था कि अगर रेनू ने मना किया तो वह उसकी हत्या कर देगा। आखिरकार हुआ भी यही। रेनू ने जैसे ही नितिन कोे घर बेचने से मना किया उसने गला दबाकर रेनू कि हत्या कर दी। रेनू का शव पुलिस को करीब शाम 5 बजे मिला। रेनू के भाई ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन उनके फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही है और घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद है। भाई की सूचना पर पुलिस रेनू के घर पहुंची। शव मिलने के बाद पुलिस को लगा हत्या कर नितिन देश छोड़कर भाग गया। क्योंकि वह पहले से ही ब्रिटेन भागना चाहता था। लेकिन, नौ घंटे के बाद जब पुलिस तलाशी लेते हुए पहली मंजिल के स्टोर रूम में पहुंची तो वह वहां छिपा हुआ था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पहले से प्लानिंग कर रहा था नितिन
रेनू के रिश्तेदारों के हवाले से एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों में अक्सर छोटी-छोटी बातों पर आपस में झगड़ा हुआ करता था। 15 साल पहले उनका एकलौता बेटा अमेरिका चला गया और वहीं बस गया। मीडिया के मुताबिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रेनू के भाई भी हर महीने के खर्चों में उनकी मदद करते थे। करीब 15 दिन पहले रेनू को पता चला कि नितिन 4.5 करोड़ रुपये में अपना दो मंजिला मकान बेचने का सौदा कर चुका है। लेकिन नितिन ने उसे नहीं बताया कि उसने 55 लाख रुपये एडवांस में ले लिए हैं। एक रिश्तेदार के मुताबिक, 'घर बेचने के बाद नितिन सिंह पैसे का इस्तेमाल ब्रिटेन में बसने और वहां पूरी योजना बनाने की प्लानिंग कर रहा था। रेनू को पति के इस प्लान के बारे में पता था। रेनू कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी जूझ रही थी।
बता दें कि पुलिस के मुताबिक, सिंह का जन्म ब्रिटेन में हुआ था। सिंह के पिता एक प्रमुख नेत्र सर्जन थे, जिन्होंने 15 साल तक लंदन में अभ्यास किया था।पुलिस ने जब सिंह को गिरफ्तार किया तो उसके पास एक ब्रिटिश पासपोर्ट मिला था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार करने से पहले उन्होंने हमें बताया था कि वह या तो सरेंडर करने या देश से भागने की योजना बना रहा था। ब्रिटिश पासपोर्ट के साथ उसके पास से कुछ भारतीय दस्तावेज भी मिले हैं। हालांकि हम अभी तक उन्हें वेरीफाई नहीं कर पाए हैं।
मिटाना चाहता था सबूत
पत्नी की हत्या के बाद पुलिस से बचने और सबूत मिटाने के लिए नितिन ने अथक प्रयास किए। कुछ हद तक वह सफल भी हो गया। लेकिन, रेनू के भाई ने पुलिस को सूचना देकर उसका खेल बिगाड़ दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर गायब है। कोठी के आसपास लगे कैमरा की फुटेज भी चेक की गई लेकिन उन्हें नितिन सिन्हा कहीं भी नहीं दिखा। नितिन घर से बाहर ही नहीं निकला इस बात का अंदेशा जब पुलिस को हुआ तो इस आधार पर ही हर कमरे की तलाशी शुरू की गई। अंत में वह अपने घर के अंदर एक स्टोर रूम में छुपा हुआ मिला।
Published on:
13 Sept 2023 03:47 pm
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