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ग्राउंड रिपोर्ट: सीलिंग के दौरान चरमराई व्यवस्था, लोगों को दूध और जरूरी सामान की किल्लत

Highlights - गौतमबुद्ध नगर के 22 कोरोना एपिडेमिक सेंटर सील - सेक्टर-27 के गेटों पर ताले लगाते हुए गार्डों और पुलिस की गाड़ियां तैनात - दूध-पानी के साथ के साथ जरूरी सामान नहीं मिलने से लोग परेशान
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नोएडा

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lokesh verma

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Updated: 10 Apr 2020, 10:48 AM IST

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नोएडा. विदेशों से आई कोरोना नाम की बीमारी का कहर गौतमबुद्ध नगर में जारी है। लॉकडाउन बाद भी स्थिति काबू नहीं आने पर प्रदेश सरकार ने 15 जिलों के हॉटस्पॉट को चिन्हित करते हुए सील कर दिया है। गौतमबुद्ध नगर के 22 एपिडेमिक सेंटर को सील किया गया है, जिसमें नोएडा सेक्टर-27 भी शामिल है। इस सेक्टर में एफ ब्लॉक में कोरोना मरीज मिलने के बाद इस सेक्टर को सील किया गया है। इस सेक्टर को सील किए जाने के बाद यहां क्या हालात है, पेश है इस पर 'पत्रिका' की ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट...

नोएडा का वीवीआइपी माने जाने वाले सेक्टर-27 को नोएडा के स्थापना के साथ ही बसाया गया था। इस सेक्टर में ए से लेकर आई तक कुल 9 ब्लॉक हैं, जिसमें करीब 15 से 20 हजार लोग रहते हैं। इस सेक्टर में डीएम और कमिश्नर का कैंप ऑफिस भी है और ज्यादातर अधिकारी और सरकारी कर्मचारी रहते हैं। इसके अलावा यहां व्यवसायियों की भी कोठियां हैं और एलआईजी फ्लैट भी हैं, जिनमे हर तबके के लोग निवास करते हैं। सेक्टर-27 में अट्टा गांव भी स्थित है, जहां अट्टा बाजार और इंदिरा मार्केट नोएडावासियों के लिए खरीदारी का सबसे पसंदीदा स्थान है। इस सेक्टर में दो बड़े हॉस्पिटल, एक चार सितारा होटल, एक सब मॉल और जैन धर्म के अनुयायियों का बड़ा जैन मंदिर भी है, लेकिन सेक्टर सील किए जाने के बाद इन सभी जगहों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।

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मुख्य गेटों पर पुलिस तैनात

बता दें कि सेक्टर के ए ब्लॉक के मकान नंबर 41 में कोरोना वायरस का मरीज मिलने के बाद पहले इसके आसपास के इलाके को सील किया गया था। अब यह पूरा सेक्टर ही सील कर दिया गया है। इसके गेटों पर ताले लगा दिए हैं और गार्डों की तैनाती कर दी गई है। पुलिस की भी कुछ गाड़ियां गेटों पर तैनात नजर आ जाती हैं, कई जगहों पर पुलिस नदारत नजर आ रही है। लॉकडाउन के समय सेक्टर में स्थित कुछ सुविधा बाजार, मदर डेयरी की दुकानें खुलती थीं, लेकिन सिलिंग के बाद सब कुछ बंद है। पूरे सेक्टर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

दूध-पानी की परेशानी

सुबह के समय कुछ पेपर वेंडर यहां समाचार पत्र डालते हुए दिखाई दिए। इसके अलावा ऑनलाइन दूध की सप्लाई करने वाले कुछ लोग मोटरसाइकिल पर दिखे, लेकिन इतने बड़े सेक्टर में इनकी उपस्थिति न करने के बराबर नजर आ रही थी। कुछ लोग सिलिंग के दौरान जानवरों को रोटियां खिलाते नज़र आए। सेक्टरों के लोगों को सुबह दूध व पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। लोगों को सुबह के समय दूध नहीं मिल सका। दूध के साथ-साथ सेक्टर में बोतल बंद पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी। कुछ लोग थैला लेकर दूध और सब्जियों के दुकानों के चक्कर काटते नजर आए पर उनके हाथ निराशा ही लगी।

सब्जी वालों ने वसूले मनमाने दाम

हालांकि शासन ने इस सेक्टर के लिए 3 वेंडरों को सब्जियां और जरूरी समान की सप्लाई की परमिशन दे रखी है, लेकिन पहले ही दिन यह व्यवस्था चरमराती नजर आई सब्जियां सप्लाई करने वाले से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त दाम वसूल रहे हैं। विरोध करने पर दुकानदारों का कहना होता है कि स्टॉक कम है और थोक बाजार से सामान महंगा मिल रहा है।

डीएम बोले- आवश्यक सेवाएं मिलती रहेंगी

सील के दौरान आ रही परेशानियों के बारे में जिलाअधिकारी सुहास एलवाई का कहना है की जिन इलाकों को सील किया गया है। वहां पर लोगों को आवश्यक सेवाएं मिलती रहेंगी और उन्हें किसी चीज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। कुछ स्थानों से सामानों की आपूर्ति को लेकर जो शिकायतें मिली थीं उनका समाधान कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की टीम इसमें जुटी है।

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