
नोएडा। अगर आपका भी बैंक में अकाउंट है तो यह खबर एक बार ध्यान से पढ़ लीजिए। हो सकता है कि आपकी छोटी सी लापरवाही आप पर भारी पड़ जाए। दरअसल, यदि आपकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से अधिक है तो बैंक में पैन कार्ड नंबर देना अनिवार्य है। जबकि कई लोग इसकी जगह फॉर्म 60 लगा देते हैं। लेकिन अब ऐसा करने वालों की खैर नहीं क्योंकि अब सरकार ने ऐसे लोगों की सही जानकारी इकठ्ठा करने का तरीका निकाला है। अब अगर कोई इस तरह की चालबाजी करता है तो उसपर टैक्स चोरी का मुकदमा दर्ज हो सकता है।
फॉर्म 60 भरने से पहले रहे अलर्ट
यदि आपने भी परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) अपने बैंक अकाउंट में नहीं लगाया है और किसी तरह की ट्रांजेक्शन करना चाहते हैं तो आप फॉर्म 60 भर सकते हैं। हालांकि अगर आप एक ही वित्तीय वर्ष में फॉर्म 60 लगाकर एक से अधिक ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपके लेन देने की सारी जानकारी मोदी सरकार तक पहुंच जाएगी। जिससे आपकी मुसीबत बढ़ सकती है और अगर आप टैक्स चोरी करते या गलत जानकारी देते पाए गए तो आपके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।
क्यों भरा जाता है फॉर्म 60
जानकारी के लिए बता दें कि फॉर्म 60 की सुविधा उन लोगों के लिए है जिनकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है। ऐसे लोगों पर अगर पैन कार्ड नहीं है तो वह अपने खाते में फॉर्म 60 लगा सकते हैं। हालांकि अगर इससे अधिक आय वाला व्यक्ति फॉर्म 60 भरता है तो उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से नोटिस जारी हो सकता है।
सरकार के पास जमा होगी आपकी जानकारी
चार्टर्ड अकाउंटैंट (सीए) संगीत गुप्ता ने एक वेबसाइट से बात करते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति के पास पैन कार्ड नहीं है और उसे फॉर्म 60 जमा कराना होगा। उस फॉर्म में ट्रांजेक्शन की जानकारी भी देनी होगी। लेकिन अगर एक ही व्यक्ति एक ही वित्तीय वर्ष में कई बार फॉर्म 60 जमा करता है तो उसे पहले ट्रांजेक्शन की जानकारी सरकार के पास जमा करानी होगी। इस तरह से सरकार के पास सारा डाटा इकठ्ठा हो जाएगा।
Published on:
27 Apr 2018 03:43 pm
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
