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मेक इन इंडिया बनेगा ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान, मौका देगा इंटरनेशनल ग्लैमर

अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी रैप पर अपना जलवा दिखा सकेंगी। इसके लिए ग्रैंड प्रीमियम हुआ है। जिसमें 75 महिलाओं ने रैंप वाॅक किया।

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मेक इन इंडिया के तहत ग्रामीण महिलाओं को रैप पर उतरने का मौका देगा इंटरनेशनल ग्लैमर

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथिगण।

शहर के साथ अब ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी रैप पर अपना जलवा दिखाने का मौका उपलब्ध होगा। मेक इन इंडिया के तहत द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट का ग्रैंड प्रीमियर लांच हुआ।

इसी के साथ पचहत्तर महिलाओं द्वारा चौदह जज के देखरेख में रैंप वॉक किया गया। रैप वाक करने वाली सभी महिलाओं ने द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट के डिजाइनर्स द्वारा तैयार किए गारमेंट्स की झलक पेश की। इन सभी प्रतिभागी महिलाओं के चयन के बाद सीजन 1 के प्रतिभागियों की तरह उनके टैलेंट के अनुसार द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट ब्रेक देगा।

डॉ. स्वरूप पुराणिक ने बताया कि आजकल लोग ट्रेनिंग सेंटर खोलकर दिलासा तो काफी देते हैं लेकिन मौका कम देते है। लेकिन अब द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट के माध्यम से उन महिलाओं के सपने पूरे होंगे जो अभिनय और ग्लैमर की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जिससे वे भी शहरी महिलाओं के साथ आगे बढ़ सके।

सभी क्षेत्र की महिलाओं को मिलेगा मौका
द इंटरनेशनल ग्लैमर प्रोजेक्ट द्वारा कई महिलाओं को एक ऐसा मंच मिला है। जहां सिर्फ शहरी महिला ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं इसमें भाग लेकर अपने भीतर छिपी प्रतिभा को निखार सकेगी।

पूरी ट्रेनिंग के साथ उन महिलाओं को शिक्षित किया जाएगा। जिससे कि वह अपने आप को ही नहीं बल्कि अपने देश का भी एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व कर सकती है।