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ना मां, ना मंगेतर, इस महिला की वजह से भुवनेश्वर बने स्टार क्रिकेटर, दिन-रात भुवी के पीछे रहती थी परेशान

Cricketer Bhuvneshwar kumar कभी नहीं करते हैं इस महिला की किसी भी बातों को नजरअंदाज, शादी की तैयारियों की कमान भी इनके हाथों में

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Bhuvneshwar Kumar

Bhuvneshwar Kumar

मेरठ. भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए स्टार भुवनेश्वर कुमार ने काफी कम दिनों सफलता की सीढ़ियां चढ़ी है। भारतीय क्रिकेट टीम की कल्पना भी अब bhuvneshwar kumar के बिना करना काफी मुश्किल सा लगता है। लेकिन क्या आपको पता है कि गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की इस सफलता के पीछे किसका हाथ है, नहीं ना तो चलिए आज हम आपको बताते हैं। अगर आप सोचते हैं कि भुवनेश्वर की सफलता के पीछे उनकी मां या पिता या होने वाली पत्नी नुपुर का हाथ है तो आप गलत हैं। भुवी को स्टार क्रिकेटर बनाने वाली कोई और नहीं बल्कि उनकी बहन है।

जी हां, भुवनेश्वर आज जो कुछ भी हैं उसमें सबसे ज्यादा हाथ उनकी बड़ी बहन रेखा अघाना का है। उन्हीं के जज्बे की वजह से ही भुवनेश्वर ने कड़ी मेहनत कर आज दुनिया के हर बड़े बल्लेबाज को अपनी गेंदबाजी के सामने झूकने को मजबूर कर दिया है। ये भुवनेश्वर की दीदी का ही जज्बा है जिसने भुवनेश्वर को स्विंग मास्टर बना डाला है।

भुवनेश्वर की बहन रेखा अघाना इन दिनों भुवनेश्वर की शादी की तैयारियों में जुटी हैं। भुवनेश्वर ने शादी की सारी शॉपिंग की जिम्मेदारी अपनी दीदी रेखा के उपर छोड़ दिया है। बहन की बदौलत ही भुवी अपनी शादी की चिंता छोड़ क्रिकेट मैच में लगे हैं। रेखा का कहना है कि भार्इ भुवनेश्वर की शादी में उसके लिए सबसे स्पेशल है। रेखा अपने इकलौते भार्इ की शादी में कोर्इ कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। रेखा ने बताया कि शादी के कार्यक्रमों की बेहतरीन तैयारी है, यह दिन उनके लिए बहुत खास है।

इस तरह भार्इ को बनाया स्टार

भुवनेश्वर के पिता किरनपाल सिंह बागपत में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर थे और बागपत में तैनाती थी। रेखा और भुवनेश्वर को अच्छी शिक्षा दिलानी थी, इसलिए उन्होंने 2002 में गंगानगर में मकान बनवा लिया। यहां पत्नी इंद्रेश, बेटी रेखा और बेटा भुवनेश्वर रहने लगे। पिता छुट्टियों में यहां आया करते थे। क्रिकेट का शोक भुवनेश्वर के साथ ही पिता और बहन को भी था, लेकिन माता को नहीं था। पिता के पास समय नहीं था। उस समय 13 साल की उम्र में भुवनेश्वर के क्रिकेट के प्रति बढ़ते शौक को देखकर रेखा ने उसे क्रिकेट सिखाने का फैसला किया। विक्टोरिया पार्क में उन दिनों काफी बच्चे क्रिकेट सीखते थे। तो वह भुवनेश्वर को भी वहां लेकर गई।

कोच संजय रस्तोगी का कहना है कि भुवनेश्वर जब यहां आया था, तो उसमें काफी टैलेंट था। जब हमने सिखाना शुरू किया था, तो उसकी बहन उसकी प्रोग्रेस के बारे में लगातार डिस्कस करती थी और भुवनेश्वर से और मेहनत करने के लिए कहती थी। उसे क्रिकेट के सामान की जरूरत होती थी, तो अपने पैसों से दिलवा देती थी। यूपी अंडर-14 और अंडर-16 से शुरू हुए कॅरियर ने रणजी क्रिकेट की यूपी टीम में दस्तक दी। इसी बीच भुवनेश्वर को नेशनल क्रिकेट एकेडमी में ग्लेन मैग्रा से काफी कुछ सीखने को मिला। अब भुवनेश्वर टीम इंडिया के सबसे बड़े बॉलर बन गए हैं, तो भी बहन उसे कड़ी मेहनत करने की सलाह देती है।

रेखा का ससुराल दिल्ली में है। ऐसे में दिल्ली में जितने मुकाबलों में भुवनेश्वर खेले हैं, उन्हें रेखा स्टेडियम में जाकर जरूर देखती हैं। आपको बतादें कि भुवनेश्वर अपनी मंगेतर नुपूर नागर के साथ 23 नवंबर को शादी करने जा रहे हैं। खबरों की मानें तो शादी को लेकर भुवनेश्वर श्रीलंका से होने वाले टेस्ट मैच का हिस्सा ना बन पाए।