
नोएडा। केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश के बड़े प्रोजेक्ट में हिस्सेदार बनने जा रही है। इसके लिए जल्द ही एक एमओयू साईन होने जा रहा है। दरअसल, एनएमआरसी के प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार इसी वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ रुपए भी प्रोजेक्ट के संचालन के लिए जारी करेगी। जिससे एनएमआरसी के आड़े आ रही वित्तीय बाधा सामाप्त भी हो सकेगी।
प्रोजेक्ट के लिए केंद्र को देने हैं 900 से अधिक करोड़
बता दें कि केंद्र सरकार को अनुदान के रूप में 970 .620 करोड़ देने हैं। वहीं एमओयू साइन होते ही दोनों एनएमआरसी के प्रोजेक्ट के फैसलों में केंद्र की भी अहम भागीदारी होगी। यह एमओयू एनएमआरसी और शहरी विकास मंत्रालय के बीच किया जाएगा। जिसके बाद शहरी विकास मंत्रालय के सचिव एनएमआरसी के चेयरमैन बनाए जाएंगे। वहीं एनएमआरसी बोर्ड में भी केंद्र सरकार के अधिकारी शामिल होंगे।
एनएमआरसी की 14वीं बोर्ड मीटिंग में लिए कई फैसले
एनएमआरसी की 14वीं बोर्ड मीटिंग व तीसरी वार्षिक मीटिंग में नोएडा-ग्रेनो मेट्रो व सिटी बस परियोजना की समीक्षा की गई। इसके साथ ही कई महत्पवूर्ण निर्णय भी लिए गए। एनएमआरसी के डायरेक्टर आलोक टंडन ने बताया कि नोएडा ग्रेटर-नोएडा मेट्रो प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। साथ ही त्रिपक्षीय अनुबंध का ड्राफ्ट केंद्र सारकर एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा मिल चुका है। जिसे मुख्य सचिव के हस्ताक्षर के लिए प्रेषित कर दिया गया है। वहां से एमओयू को हस्ताक्षर के लिए सचिव भारत सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद एनएमआरसी में भारत सरकार का 50 प्रतिशत शेयर प्रारंभ हो जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार द्वारा परियोजना के संचालन के लिए 300 करोड़ की अंशपूजी भी दी जाएगी।
एनएमआरी से प्रोजेक्ट और फैसलों में होगी केंद्र सरकार साझेदारी
एनएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड (पीआइबी) के जरिए शहरी विकास मंत्रालय की मंजूरी के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो परियोजना की कुल लागत का 20 प्रतिशत हिस्सा एनएमआरसी को दिया जाएगा। वहीं केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की एनएमआरसी में 50-50 प्रतिशत की हिस्सेदारी हो जाएगी। इसके लिए एनएमआरसी और शहरी विकास मंत्रालय के बीच एमओयू साइन किया जाएगा। इसके साथ ही एनएमआरसी में केंद्र की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत हो जाएगी। ऐसे में एनएमआरसी के सभी सभी प्रोजेक्टों और सभी फैसलों में केंद्र की साझीदारी सीधे तौर पर जुड़ जाएगी।
प्रोजेक्ट में आएगी तेजी
एनएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक प्रोजेक्टों को तेज किए जाने में इस फैसले से मदद मिलेगी। वहीं जिन भी परियोजनाओं को पूरा करने में अड़चन होगी, उसे दूर करने में केंद्र सरकार सक्रिय रूप से सहयोग करेगी। केंद्र की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी होने के बाद निदेशक मंडल से लेकर बोर्ड सदस्यों में भी बदलाव किया जाएगा।
Published on:
31 Dec 2017 03:05 pm
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