
फाइल फोटो: सीमा हैदर और सचिन
पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है उनकी नवजात बच्ची जिसका जन्म 18 मार्च को नोएडा में हुआ था।
सीमा का केस लड़ रहे वकील एपी सिंह ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया है, जिससे अब वह भारत की नागरिक मानी जाएगी। बच्ची का नाम ‘भारती’ रखा गया है, जिसका अर्थ ‘मीरा’ बताया गया है।
एपी सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सीमा हैदर ने पाकिस्तान में रहते हुए ही हिंदू धर्म अपना लिया था। इसके बाद उन्होंने नेपाल जाकर एक भारतीय नागरिक सचिन मीणा से हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह किया। फिर भारत आकर कानूनी प्रक्रिया के तहत भी अपना धर्म परिवर्तन कराया। उन्होंने बताया कि सीमा ने 26 अप्रैल को भारत सरकार से स्थायी निवास की अनुमति के लिए अपील भी की है।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने उन सभी पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने की समयसीमा निर्धारित की थी, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। इस अवधि के समाप्त हो जाने के बावजूद सीमा हैदर भारत में ही हैं। इसको लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
वकील एपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा को कुछ लोग गलत तरीके से हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण और आधारहीन है। उनका कहना है कि सीमा का मामला पूरी तरह मानवीय आधार पर देखा जाना चाहिए, न कि संदेह के दायरे में रखा जाना चाहिए।
वकील ने बताया कि सीमा ने अपने पहले पति को पाकिस्तान में तलाक दे दिया था और अपने पिता के घर रहने लगी थीं। पिता के निधन के बाद उनकी बातचीत भारत के सचिन मीणा से शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हो गई। इसके बाद सीमा नेपाल गईं, जहां उन्होंने सचिन से विवाह किया। भारत आकर उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत धर्म परिवर्तन किया और अब एक बेटी की मां बन चुकी हैं।
एपी सिंह के अनुसार, सीमा के नागरिकता संबंधी दस्तावेज भारत सरकार और राष्ट्रपति कार्यालय के पास लंबित हैं और जल्द ही इस पर निर्णय आने की संभावना है।
वकील एपी सिंह ने कहा कि सीमा ने हिंदू धर्म अपनाकर सचिन मीणा से विवाह किया है और उनका अपने पहले पति से कानूनी तलाक हो चुका है। एपी सिंह ने कहा कि पहले पति से हुए बच्चों की अभिभावक सीमा स्वयं हैं इसके साथ ही वह अब एक भारतीय नागरिक की पत्नी और एक भारतीय बच्ची की मां हैं। उनकी नागरिकता की याचिका भारत सरकार और राष्ट्रपति के पास विचाराधीन है।
Updated on:
01 May 2025 05:04 pm
Published on:
01 May 2025 10:54 am
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