
बेटे के इंतजार में लाचार बीमार मां तोड़ा दम, 20 दिन तक सड़ती रही लाश, लेकिन बेटे को नहीं थी खबर
नोएडा। चमचमाती ऊंची-ऊंची इमारतें, सड़कों पर फर्राटा भरती गाड़ियां और हाईटेक सिटी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुन कर आपकी रुह कांप जाएगी। एक साल पहले मायानगरी यानी मुंबई के एक पॉश इलाके के फ्लैट में 63 वर्षीय महिला का कंकाल मिलने की घटना तो आपको याद होगी। जहां बेटा अमेरिका में जॉब करता था और बेटे के इंतजार में डेढ़ साल बाद सोफे पर मां की लाश मिली। इस बार नोएडा से कुछ ऐसी ही घटना सामने आई है। जहां 20 दिन से बंद फ्लैट में एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई।
करियर, पैसे की चाहत, बड़ा बनने का सपने के चक्कर में आज रिश्ते, जज्बात पीछे छूटते जा रहे हैं। आलम यह है कि तमाम झंझावातों, कठिनाईयों से बचाकर बाड़ करने वाले और काबिल बनाने वाले आज बुजुर्ग मां-बाप की खैर-खबर लेने वाला कोई नहीं हैं। बच्चे बड़े होकर अपने करियर और पैसे की चाहत में मां-बाप से मिलना तो दूर उनसे बात तक करना जरुरी नहीं समझते। जिसकी वजह से आज ऐसी घटनाए सामने आ रही हैं जो अंदर से झकझोंर देती हैं।
दरअसल नोएडा के सेक्टर-99 में स्थित सुप्रीम सोसायटी एक फ्लैट में रविवार को 52 वर्षीय बबिता बसु की 20 दिन पुरानी सड़ी-गली लाश बरामद हुई है। जानकारी के अनुसार महिला किराए पर अपने घर में अकेली रहती थी और उसका बेटा बंगलुरू में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। फ्लैट मालिक अरुण सतीजा के मुताबिक बबिता बसु का रेंट अग्रीमेंट रिन्यू होना था। जिसके लिए वो काफी दिन से उन्हें फोन कर रहे थे लेकिन जब फोन नहीं उठा तो घर पहुंचे जहां बबिता बसु ने दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचू पुलिस ने जब दरवाजा तोड़कर खोला तो फ्लैट और आस-पास तेज बदबू फैल गई। पुलिस और आस-पास के रहने वाले लोग दंग रह गए। अंदर बबिता बसु का शव पड़ा हुआ था जो कि सड़ चुका था।
पुलिस ने जब जानकारी जुटाई तो पता चला की बबिता बसु को किडनी की समस्या थी, जिसके चलते उन्हें हर हफ्ते दिल्ली के अस्पताल में डायलसिस के लिए जाना पड़ता था। लेकिन इतनी गंभीर बीमारी में उनके साथ कोई नहीं था। वो अकेले ही अपना इस बीमारी से लड़ रही थी। पुलिस ने जानकारी दी की महिला की आखिरी बार अपने बेटे से बात 19 सितंबर को हुई थी। तब उन्होंने बेटे को नोएडा बुलाया था। लेकिन काम के दबाव होने से उन्होंने उसने दिवाली में आने को कहा था। इसके बाद सिद्धार्थ ने मां की कोई खोज-खबर नहीं ली। पुलिस ने जब महिला के बेटे सिद्धार्थ से बताया कि वह अक्सर 20- 25 दिन में ही मां को फोन करता था।
सोसाइटी की रहने वाली एक महिला का कहना है कि बबिता कभी-कभी पार्क में घूमने आती थीं लेकिन उनके चेहरे पर मायूसी रहती थी। 15 साल पहले महिला का तलाक हो गया था।
Updated on:
15 Oct 2018 09:45 am
Published on:
15 Oct 2018 09:37 am
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