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कैंसर पर रोकथाम के लिए तम्बाकू उत्पाद पर ज्यादा टैक्स जरूरी

कैंसर के इंटरनेशनल कांफ्रेस में हुआ खुलासा, जिस देश में तम्बाकू उत्पाद पर होता है ज्यादा टैक्स वहां इसके ग्राहक काफी कम होते हैं  

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Tobacco Control

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नोएडा. विश्व स्वास्थ्य संगठन-फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल एवं वल्र्ड नॉलेज हब ऑन स्मोकलेस टोबैको-व राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान (डब्ल्यूएचओ-एफसीटी-वल्र्ड नालेज हब-एनआइसीपीआर) द्वारा सोमवार को सेक्टर-39 में धुआं रहित तंबाकू व सुपारी से कैंसर पर चर्चा की गई। यहां दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय काॅफेंस के पहले दिन दुनिया भर के वैज्ञानिक शामिल हुए। सभी ने कैंसर के प्रति जागरूक अभियान से साथ इस पर रोकथाम लगने के अलग अलग सुझाव दिये।

रिसर्च में शामिल हुए वैज्ञानिक, डाॅक्टर आैर प्रशिक्षु
प्रो. रवि मेहरोत्रा ने सेक्टर-३९ में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के पहले दिन रिसर्च गैप के कारणों पर चर्चा करते हुए कहा कि दुनिया के 20 देशों ने भविष्य में रिसर्च व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में तेजी लाने का संकल्प लिया। इसमें दुनिया भर के वैज्ञानिक, डॉक्टर व प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। तंबाकू व उससे होने वाले कैंसर पर और प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए डब्ल्यूएचओ-एफसीटीसी की पॉलिसी का दुनिया के सभी देशों द्वारा सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया। तंबाकू-सुपारी के इस्तेमाल में कमी लाने के लिए मल्टी स्टेक होल्डर्स पर नवीन एक्शन प्लान बनाने पर भी चर्चा की गई।

टैक्स अधिक लगाने पर कम हुर्इ उपभोक्ताआें की संख्या
चर्चा में शामिल प्रो. रवि मेहरोत्रा ने कहां कि दुनिया ने माना कि जिन देशों में पॉलिसी सख्ती से लागू की गई व ऐसे उत्पादों पर अधिक टैक्स लगाया गया। वहां उपभोक्ताओं की संख्या लगातार कम होने लगी है। कई देशों में नई पॉलिसी के तहत उत्पादक कंपनियां अब विज्ञापन देकर यह स्वीकार करने को मजबूर हो रही हैं कि उन्होंने लोगों को धोखा दिया। अभी भारत में चबाने वाले तंबाकू से बने उत्पाद व सुपारी उत्पाद सस्ते व पाॅकेट मनी के खर्च में मिल जाते हैं। इन पर अत्यधिक टैक्स लगाए जाने की जरूरत है। इस दौरान नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में कैंसर व तंबाकू उपभोक्ताओं की संख्या बढऩा चिंताजनक है। तो देखा जाए तो अगर भारत सरकार भी इस पर ज्यादा टैक्स लगाती है तो देश में इसके ग्राहक काफी कम हो जाएंगे, जिससे कैंसर दर में काफी कमी आने की संभावना है।

अभियान के साथ ही किताबों में भी हो तंबाकू व सुपारी से कैंसर अध्याय
डाॅ एल स्वास्तिचरन ने कहा कि स्कूली बच्चों में जागरूकता के साथ स्पिट फ्री इंडिया अभियान पर जोर भारतीय किशोरों में तंबाकू व सुपारी की बढ़ती लत के मद्देनजर स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में तंबाकू व सुपारी से कैंसर का अध्याय अनिवार्य किए जाना होना चाहिए। इसके साथ ही सचित्र चेतावनी बुक के बैक या अंदर की कवर पर होने को अनिवार्य करने के लिए भी सरकार से अनुरोध किया गया है।