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World Milk Day 2019: जंगलों में चरने वाले पशुओं का दूध है इतना फायदेमंद, फल और सब्जी भी हैं फेल

-world milk day की शुरुआत 1 जून, 2001 को हुई थी -इसका उद्देश्य दूध का जन-जन तक प्रचार-प्रसार करना है

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World Milk Day 2019: जंगलों में चरने वाले पशुओं का दूध है इतना फायदेमंद, फल और सब्जी भी हैं फेल

नोएडा। दुनिया भर में जून को वर्ल्ड मिल्क डे यानी विश्व दुग्ध दिवस (world milk day kab hai) मनाया जाता है। इसकी (world milk day) शुरुआत 1 जून, 2001 को हुई थी। इसका उद्देश्य दूध का जन-जन तक प्रचार-प्रसार करना है। जिसके बाद अब हर साल 1 जून को पूरे विश्व भर में विश्व दुग्ध दिवस (world milk day start date) के तौर पर मनाया जाता है।

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वर्ल्ड मिल्क डे (world milk day) पर आज हम आपको दूध और दुधारू पशुओं के बारे में कई अहम जानकारी देने जा रहे हैं। जो शायद ही आपको मालूम होंगी। वर्तमान में शहरीकरण होने के कारण जंगल खत्म हो गए हैं। जिसके चलते अब पशुओं को हरा चारा न के बराबर मिलता है। जिसके चलते मार्केट में तरह-तरह के पशुओं के आहार आने लगे हैं। परंतु पशु चिकित्सकों की मानें तो जो पशु हरा चारा खाते हैं, खासकर जो जंगलों में चरने जाते हैं उनके दूध में अधिक कैल्शियम, विटामिन-डी पाया जाता है। इनके अलावा भी ऐसे पशुओं के दूध में कई तरह के फायदे होते हैं। जबकि बाजार में मिलने वाले आहार को खाने वाले पशुओं के दूध में इन सभी तत्वों की मात्रा कम होती है।

नोएडा के पशु चिकित्सक डॉ ओमपाल सिंह का कहना है कि एक रिसर्च के मुताबिक जो पशु खुले मैदान में हरा चारा चरने जाते हैं उनके दूध में 147 फिसदी से अधिक ओमेगा-3एस पाया जाता है। वहीं बाजार में मिलने वाले आहार खाने वाले पशुओं के दूध में महज 52 फिसदी के आसपास ओमेगा-3एस पाया गया। उन्होंने बताया कि ओमेगा-3एस मनुष्य के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही ह्रदय और दिमाग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

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चिकित्सक कहते हैं कि खुले मैदान में चरने जाने वाले पशुओं के दूध में इसलिए भी तत्वों की मात्र बढ़ जाती है क्योंकि इन जानवरों को खुला वातावरण पसंद होता है। जहां जाकर ये खुश होते हैं और घूम-घूमकर पेटभर आहार का सेवन करते हैं। इसके चलते ही पशु के दूध में कन्जुकेटिड लिनोलिक ऐसिड (सीएलए) की भी मात्र बढ़ जाती है। ये ऐसिड मनुष्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे हड्डियां मजबूत होने के साथ ही हार्ट अटैक की संभावन को कम करता है। इसके अलावा इस ऐसिड से शरीर में शुगर की मात्र संतुलित रहती है और ये शरीर से फैट भी खत्म करने में मदद करता है।

ये हैं दूध के अन्य फायदे

बता दें कि दूध मनुष्य के शरीर के द्वारा जरूरी सभी पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है। इसमें कैल्शियम, मैगनिशियम, फॉसफोरस, जिंक, ऑयोडीन, पोटेशियम, आइरन, फोलेट्स, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 12, विटामिन ए, प्रोटीन,स्वस्थ फैट आदि मौजूद होता है।

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दूध का रंग सफेद क्यों होता है

अक्सर लोगों का एक सवाल होता है कि जब दुधारू पशु हरा चारा खाते हैं तो दूध का रंग सफेद क्यों होता है। आज यहां हम आपको पशु चिकित्सक डॉ ओमपाल सिंह के माध्यम से इसकी जानकारी भी देने जा रहे हैं। चिकित्सक कहते हैं कि दूध में कैसीन नामक प्रोटीन होता है, जिससे इसका रंग सफेद होता है। ये प्रोटीन कैल्शियम के साथ दूध को सफेद रंग देने का काम करता है। इसके अलावा दूध में मौजूद वसा भी सफेद रंग का ही होता है। दूध में जितनी ज्यादा मात्रा में वसा या चिकनाई होती है, वह उतना ही अधिक सफेद होता है। यही कारण है कि भैंस का दूध अधिक वसा के कारण गाय के दूध से ज्यादा सफेद होता है।