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बड़ी खबर: हार के बाद भी काफी खुश हैं सीएम योगी आदित्यनाथ, क्योंकि हो गया उनका सपना पूरा

भाजपा भले ही फूलपुर और गोरखपुर चुनाव हार गई हो। लेकिन, योगी आदित्यनाथ काफी खुश हैं।

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yogi adityanath happy due to this reason

नोएडा। भाजपा भले ही गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव हार चुकी है। लेकिन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी खुश हैं। हो भी क्यों न क्योंकि उनका सपना जो पूरा होने जा रहा है। जी हीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाजियाबाद स्थित ड्रीम प्रोजेक्ट कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है।

15 अप्रैल से शुरू होगा निर्माण कार्य

गाजियाबाद के इंदिरापुरम के शक्ति खंड-4 में कैलाश मानसरोवर भवन प्रस्तावित है। इस भवन का निर्माण कार्य अगामी 15 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। वहीं, निर्माण कार्य के लिए टेंडर खुलने की अंतिम तिथि 28 मार्च निर्धारित की गई है। साथ ही निर्माण कार्य से जुड़े अन्य प्रक्रिया में करीब 10 से 15 दिन का वक्त लगेगा। बताया जा रहा है कि सोमवार को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और धर्मार्थ विभाग के बीच सेल एग्रीमेंट भी हो गया है।


15 हजार वर्गमीटर का है जमीन

जानकारी के मुताबिक, कैलाश मानसरोवर भवन के लिए जीडीए की 15 हजार वर्गमीटर जमीन है। इसमें नौ हजार वर्ग मीटर जमीन का लेआउट प्लान संशोधित कर इसे धर्मार्थ विभाग के नाम आवंटन पत्र भेज जारी किया। धर्मार्थ विभाग ने जमीन की कीमत का 25 फीसदी धनराशी जीडीए में जमा करा दी है। बतादें कि जीडीए के नियमानुसार, जमीन की 25 फीसदी धनराशि जमा कराने के बाद प्राधिकरण जमीन का सेल एग्रीमेंट खरीददार के नाम कर देता है। इसी के तहत जीडीए ने सोमवार को इस जमीन का सेल एग्रीमेंट धर्मार्थ विभाग के नाम करते हुए उन्हें जमीन पर कब्जा दे दिया। जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि धर्मार्थ विभाग बाकी रकम 30 अप्रैल से पहले प्राधिकरण में जमा कराएगा।

यहां आपको यह भी बतादें कि कविनगर रामलीला मैदान में पिछले साल 31 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैलाश मानसरोवर भवन का मंत्रोच्चारण के साथ शिलान्यास किया था। इस दौरान उन्होंने एक साल के अंदर भवन को तैयार करने की बात कही थी। अधिकारियों ने बताया कि यह भवन बेसमेंट सहित 4 मंजिला होगा। इसके चलते भवन निर्माण की लागत में भी इजाफा हो गया है। पहले भवन निर्माण की अनुमानित लागत 42.93 करोड़ रुपये आ रही थी, जो अब बढ़कर 57.98 करोड़ रुपये हो गई है। जल्द ही धर्मार्थ विभाग बदला हुआ नक्शा जीडीए में पास कराने के लिए देगा।