
राहुल चौहान, नोएडा। नोएडा- ग्रेटर नोएडा में फ्लैट न मिलने से नाराज बायर्स लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं आम्रपाली के बायर्स पिछले 35 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। बायर्स को राहत देते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बैठक कर बिल्डरों को तीन महीने के अंदर नोएडा व ग्रेटर नोएडा में 50 हजार फ्लैट आवंटित करने के निर्देश तो दे दिए हैं। लेकिन क्या बिल्डर इतने समय में फ्लैट दे पाएंगे, यह बड़ा सवाल है। क्योंकि बिल्डरों के सामने फंड से लेकर प्राधिकरण के बकाया तक कई तरह की चुनौतियां हैं। हालांकि अधिकारियों की मानें तो बिल्डर यदि चाहेंगे तो तीन महीने में 50 हजार बायर्स को उनके सपनों का घर दे सकते हैं। सीएम योगी के निर्देश के अनुसार बिल्डरों को नोएडा में 16 हजार और ग्रेटर नोएडा में 34 हजार फ्लैट देने हैं।
प्राधिकरण का चुकाना होगा करीब 12 हजार करोड़
दरअसल बिल्डर लगातार कहते आ रहे हैं कि उनके पास फंड नहीं है। जिसके कारण वह तुरंत फ्लैट नहीं दे सकते। लेकिन वहीं बिल्डर बायर्स से 95 फीसदी तक पैसा ले चुके हैं। फिर भी बिल्डरों के पास पैसा नहीं है। जिसके लिए बायर्स लगातार बिल्डरों के खातों की ऑडिट कराने की मांग करते आ रहे हैं। वहीं बिल्डरों के उपर प्राधिकरण का भी कई हजार करोड़ रुपया बकाया है, जिसके चलते प्राधिकरण बिल्डर को कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रहा है। वहीं नोएडा प्राधिकरण के एक अधिकारी की माने तो बिल्डरों को सीसी लेने के लिए करीब 12 हजार करोड़ रुपया चुकाना होगा। जिसमें अकेले यूनिटेक और आम्रपाली बिल्डर पर ही करीब 6 हजार करोड़ रुपये बकाया है।
प्राधिकरण ने 11 हजार फ्लैटों का आवेदन किया निरस्त
प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि विभिन्न बिल्डरों ने जुलाई माह में करीब 11 हजार फ्लैटों के सीसी के लिए आवेदन किया था। लेकिन उन फ्लैटों में कमियों के चलते उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया। आवेदन करने वाले बिल्डरों में आम्रपाली, गार्डेनिया, अंतरिक्ष, टूडे होम्स आदि बिल्डर शामिल हैं। वहीं प्राधिकरण की तरफ से 23 प्रोजेक्टों के बिल्डरों को प्राधिकरण की बकाया राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण की सेटलमेंट पॉलिसी में नहीं आया आवेदन
इसके साथ ही बिल्डरों को प्राधिकरण ने सेटलमेंट पॉलिसी का लाभ लेकर बकाया राशि चुकाने का भी सुझाव दिया गया है। जिसके तहत बिल्डर प्राधिकरण की कुल बकाया राशि का 10 फीसदी चुकाकर आधे प्रोजेक्ट का अस्थाई कंप्लीशन सर्टिफिकेट ले सकता है। जिसके बाद बिल्डर को 65 फीसदी राशि रजिस्ट्री के समय चुकानी पड़ेगी। हालांकि 1 सितंबर को यह स्कीम शुरु कर दी गई थी, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि अभी तक इस पॉलिसी के तहत किसी बिल्डर ने आवेदन नहीं किया है।
Published on:
15 Sept 2017 08:43 pm
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