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झुंझुनूं पुलिस का चेहरा: युवक की पत्नी से दो लाख रुपए मंगवाए, फिर भी नहीं छोड़ा

मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी दीपक की पत्नी ने पुलिस को दो लाख रुपए देने के लिए गहने तक गिरवी रख दिए थे। पप्पू के पिता ने भी ब्याज पर रुपए लेकर कांस्टेबल दिनेश को दिए थे।

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पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिस अ​धिकारी, परिजन व अन्य।

राजस्थान के झुंझुनूं में पुलिस की कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ग्वार चोरी के मामले में खेतड़ी पुलिस की हिरासत में हुई युवक की संदिग्ध मौत के चौथे दिन बुधवार को बीडीके अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। एमजेएम कोर्ट बुहाना के मजिस्ट्रेट तुषार विश्नोई की निगरानी में मेडिकल बोर्ड ने मृतक पप्पूराम मीणा (निवासी सीपुर, अजीतगढ़) के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अब पुलिस टॉर्चर से मौत हुई या अन्य कारणों से, इसका खुलासा सीआईडी-सीबी की जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा। झुंझुनूं दौरे पर आए जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा ने कहा कि मामले में न्यायिक जांच जारी है और जो भी निर्णय होगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए खेतड़ी थाने के थानाधिकारी समेत सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मामला सीआईडी-सीबी को सौंपा जा चुका है।

पुलिस को पैसे देने के लिए गहने रखे गिरवी

पोस्टमार्टम के दौरान बीडीके अस्पताल में मौजूद गांव के श्रवण कुमार ने बताया कि मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी दीपक की पत्नी ने पुलिस को दो लाख रुपए देने के लिए गहने तक गिरवी रख दिए थे। पप्पू के पिता ने भी ब्याज पर रुपए लेकर कांस्टेबल दिनेश को दिए थे। बावजूद इसके, एक युवक की मौत हो गई और दूसरा आरोपी दीपक अभी खेतड़ी जेल में बंद है।

डिप्टी व एसएचओ सहित आठ पर हत्या का मुकदमा

खेतड़ी पुलिस थाने में हिरासत में लिए गए शिपुर (अजीतगढ़) निवासी युवक पप्पू मीणा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस उपाधीक्षक और थानाधिकारी सहित आठ लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले को लेकर खेतड़ी थाने के बाहर सोमवार सुबह शुरू हुआ धरना भी मंगलवार शाम को प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हुआ।

इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

मृतक के भाई की रिपोर्ट पर खेतड़ी पुलिस उपाधीक्षकजुल्फिकार अली, खेतड़ी थानाधिकारी गोपाल लाल जांगिड़, हेड कांस्टेबल दिनेश गुर्जर, पुलिसकर्मी प्रमोद लाठर, सुनील मेघवाल, भरत सिंह, चिरानी निवासी रामनिवास लादी गुर्जर, व रामकुमारपुरा निवासी रमेश गराटी गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

इन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति

मृतक पप्पूराम का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाया जाएगा, मामले की जांच सीआईडी (सीबी) के एडिशनल एसपी से करवाई जाएगी। खेतड़ी थानाधिकारी सहित संलिप्त पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। मृतक के परिवार के एक सदस्य को अजीतगढ़ क्षेत्र में संविदा पर सरकारी नौकरी दी जाएगी। परिवार को एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 8.25 लाख का मुआवजा मिलेगा, जिसमें से 4.12 लाख पोस्टमार्टम के बाद और शेष राशि चार्जशीट के बाद दी जाएगी। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 5 लाख का मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा। मृतक की पत्नी को 7,000 प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी।

हम छोड़ देंगे, पहले रुपए दो

मृतक के भाई हीरालाल मीणा की ओर से दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 6 अप्रेल को पप्पू मीणा को पुलिस लेकर गई। उसी दिन खेतड़ी थाने के सिपाही भरत और हेड कांस्टेबल दिनेश गुर्जर ने दो लाख रुपए की मांग की। आरोप है कि 8 अप्रेल को थाने पहुंचकर रुपए दिए गए, तब पुलिस ने पप्पू और दीपक को छोड़ने की बात कही। 14 अप्रेल की रात 2:13 बजे पुलिस का फोन आया कि पप्पू की मृत्यु हो गई है और शव बीडीके अस्पताल झुंझुनूं में रखा है। परिजनों ने जब शव देखा तो शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। भाई ने आरोप लगाया कि हिरासत में पप्पू की पिटाई कर हत्या की गई।

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