मुंबई। चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का टाइटल प्रायोजक बनेगी। मीडिया रिपोर्टो के अनुसार रविवार को मुंबई में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीर्अाइ) के अध्यक्ष शशांक मनोहर की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की कार्यसमिति की बैठक में इसका फैसला किया गया। वीवो अगले दो साल तक आईपीएल का टाइटल प्रायोजक होगा।
स्पॉट फिक्सिंग के कारण आईपीएल की बदनामी के बाद पेप्सी कंपनी ने इस लीग से हटने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद मोबाइल कंपनी वीवो का अगले दो साल के लिए इसका टाइटल प्रायोजक बनाया गया हैं। वीवो के लिए भी वहीं शर्ते होंगी जो पेप्सी के लिए थी। पेप्सी 2013 में पांच सालों के लिए आईपीएल का टाइटल प्रायोजक बना था और इसके लिए उन्होंने 396.8 करोड़ रूपये की रकम दी थी। पेप्सी से पहले डीएलएफ ने पांच साल के लिए टाइटल प्रायोजक के लिये 200 करोड़ रूपए की रकम अदा की थी। इससे पहले पेप्सी कंपनी ने आईपीएल के मुख्यकार्यकरी अधिकरी सुंदर रमन को लीग से हटने के बारे में सूचना दी थी।

आपको बता दें कि पेय पदार्थो की नामी-गिरामी कम्पनी पेप्सिको ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को नोटिस भेजकर हालांकि आईपीएल के अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा था कि पेप्सी के हटने से लीग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमने अन्य प्रायोजकों से बात की हैं इसलिए लीग से पेप्सी का हटना कोई बड़ा मुद्दा नहीं हैं। उल्लेखनीय हैं कि 2013 में आईपीएल सीजन 6 के दौरान दिल्ली पुलिस ने क्रिकेटर शांतकुमारन श्रीसंत, अजीत चव्हाण और अंकित चंदीला को स्पॉट फिçक्ंसग के आरोप में गिरफ्तार किया था। चेन्नई सुपर किंग्स के टीम प्रिन्सिपल गुरूनाथ मेयय्पन और राजस्थान रॉयल्स के सह-मालिक राज कुंद्रा भी सट्टेबाजी में शामिल पाए गए थे।