
islamic state
आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने अब भारत को निशाना बनाने की धमकी दी है। धार्मिक मेलों में तबाही मचाने के साथ हिन्दू तीर्थ स्थलों को उड़ाने की खुली धमकी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। इस्लामिक स्टेट के लगातार कमजोर पडऩे की खबरों के बीच दुनिया का सबसे खतरनाक आतंककारी संगठन अपनी उपस्थिति का अहसास कराता रहता है। अमरीका से लेकर तमाम यूरोपीय देशों में हमले करके यह संगठन बेगुनाहों की जान लेता रहा है।
आतंकवाद से मुकाबले पर आम सहमति के स्वरों के बावजूद दुनिया पर मंडराते तीसरे विश्व युद्ध के खतरे की आशंका इस संगठन को खत्म करने की राह में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। अमरीका, रूस, भारत और यूरोपीय देश आतंकवाद को कुचलना तो चाहते हैं लेकिन उत्तर कोरिया के तानाशाह की परमाणु धमकी और चीन-पाकिस्तान के गठजोड़ की कथनी-करनी में अन्तर आतंकवाद की ढाल बने हुए हैं। अमरीका को साधने के लिए चीन मौके-बेमौके आतंकी संगठनों का मददगार बनकर उभरता रहता है।
आईएस की ताजी धमकी भारत के नजरिए से खासी महत्वपूर्ण हो जाती है। पिछले कुछ समय से केरल के एकाध संगठन आईएस की मदद करते नजर आ रहे हैं। केरल से कुछ युवक-युवतियों के आईएस में शामिल होने के सबूत मिले हैं। आईएस की ताजा धमकी भारत में लॉस वेगास जैसा हमला करने की है। सरकार को ऐसी धमकियों को गंभीरता से लेना होगा और उसके अनुरूप तैयारी भी करनी होगी। पिछले दो दशकों में आतंकवाद की मार झेलने वालों में भारत अग्रणी रहा है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरु और जयपुर के अलावा अनेक शहर आतंक की आग में झुलस चुके हैं। सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं तो हजारों घायल हुए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी समेत अनेक राजनेता भी ऐसे हमलों के शिकार हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत दूसरे अनेक नेता अब भी आतंककारियों के निशाने पर हैं। जरूरत ऐसे संगठनों को मुंहतोड़ जवाब देने की है। ये दिखाने की भी जरूरत है कि सवा सौ करोड़ का ये देश किसी भी साजिश को नाकाम करने में सक्षम है। केन्द्र सरकार को राज्य सरकारों को भी विश्वास में लेना चाहिए। तमाम राजनीतिक खींचतान को दरकिनार करते हुए।

