
आपकी बात, बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार कैसे रुक सकता है?
अपनी वृद्धावस्था की कल्पना कर लें
मानव जीवन के तीन पड़ाव है। बचपन, जवानी, और बुढ़ापा। व्यक्ति जवानी के जोश में भूल जाता है कि वह खुद भी वृद्धावस्था के पड़ाव से गुजरेगा। तब उसके भी मदद की जरूरत पड़ेगी। यदि वह अपने घर के बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करेगा, तो उसके साथ भी वैसा ही व्यवहार होगा। वृद्धजनों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए।
वेदप्रकाश नगारची, गरियाबंद, छ.ग.
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जैसा करोगे, वैसा भरोगे
संयुक्त परिवारों के टूटने से बुजुर्गों की मुश्किलें बढ़ी हैं। साथ ही पति और पत्नी दोनों के काम करने से पारिवारिक रिश्तों में भावनात्मक कमी आई है। बुजुर्गों के साथ हो रहे अमानवीय कृत्य व वृद्धा आश्रम में बढ़ती संख्या इस के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। बुजुर्ग माता-पिता के साथ सद्भावना पूर्ण व्यवहार कर अपने बच्चों में अच्छे संस्कार डाले जा सकते हैं। ध्यान रहे 'जैसा करोगे, वैसा भरोगे'।
हुकुम सिंह पंवार, इन्दौर, मप्र
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बच्चों की तरह करें देखभाल
नौकरी-व्यवसाय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और एकाकी परिवारों के कारण जीवन में असुरक्षा का भाव उत्पन्न होने लगा है। इससे बुजुर्गों की देखभाल भी प्रभावित हो रही है और उनकी उपेक्षा भी हो रही है। यही उपेक्षा दुर्व्यवहार का रूप ले लेती है। बुजुर्गों की देखभाल अपने बच्चों की तरह करें। -ओमप्रकाश सिंह, जयपुर
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बच्चों को धन नहीं संस्कार दें
हम भूल जाते हैं कि बुजुर्गों के साथ हम जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, वैसा ही हमारे साथ होगा। आजकल वे बुजुर्ग भी अपने आपको असुरक्षित पाते हैं, जिनके पास धन-संपत्ति है। लालच के कारण परिजन ही उनके दुश्मन बन जाते हैं। इसलिए बच्चों के लिए धन-संपत्ति जोडऩे की बजाय उनको संस्कार दें।
-एकता शर्मा, जयपुर
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बुजुर्गों को अपमानित न करें
बच्चों को संस्कारित करने पर ध्यान दें। उन्हें बताना होगा कि बुजुर्गों की वजह से ही हम आज हंै।अगर आज हम बुजुर्गों का अपमान करते हैं तो कल हमें भी अपमान सहना होगा। समाज का एक सच यह है कि जो आज जवान है उसे कल बूढ़ा भी होना होगा और इस सच से कोई नहीं बच सकता। बुजुर्ग हमारी अमूल्य विरासत है, उनका सम्मान करना होगा।
-साजिद अली, इंदौर, मप्र
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समाज और देश की धरोहर
बुजुर्ग समाज और देश की धरोहर हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। इसके लिए बच्चों में सेवा भाव जगाना होगा। कहावत है बूढ़ा बरगद भी छांव तो देता ही है। घर-परिवार के बुजुर्ग भी ऐसे ही होते हैं, सदैव स्नेह की छांव देने वाले। नई पीढ़ी बुजुर्गों के प्रति सेवा भाव रखे। सम्मानजनक व्यवहार करे। उनके साथ कुछ समय बिताए एवं इसके लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करने का संकल्प लें।
-डॉ. राजेन्द्र कुमावत, जयपुर
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बच्चों को नैतिक मूल्यों की सीख दें
बचपन से ही बालक-बालिकाओं को नैतिक मूल्यों की सीख देने के साथ ही यदि अभिभावक तदनुरूप व्यवहार करें तो बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार नहीं होगा। वर्तमान पीढ़ी बुजुर्गों के स्थान पर स्वयं को रखे और उनके साथ अच्छा व्यवहार करे।
-दीपा सज्जन सिंह राठौर, जामनगर, गुजरात
Published on:
11 Jan 2024 05:54 pm
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