पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
महिला सशक्तीकरण
एक महिला के बिना मानव समाज की कल्पना भी संभव नही है। नारी शक्ति वंदन विधेयक महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक सार्थक कदम होगा। जिस प्रकार एक महिला अपना परिवार संभालती है, उसी प्रकार देश संभालने में भी सक्षम है। हमारे भारत का इतिहास रहा है कि हमने नारी को शक्ति माना है ।
-जीतेश आचार्य, अहमदाबाद
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राजनीति का बदलेगा माहौल
लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढऩे से राजनीति का माहौल बदलेगा। महिला को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। महिलाओं पर हो रहे अत्याचार कम हो सकते हैं। परिवार ही नहीं सामाजिक तथा राजनीतिक जिम्मेदारी भी महिलाएं बेहतर तरीके से निभाती हैं।
-के. उमाशंकर राव, भिलाई, छत्तीसगढ़
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वोट बटोरने की कवायद
महिला आरक्षण विधेयक को अब राज्यसभा में रखा जाएगा। मन में सवाल उठ रहा है कि मोदी सरकार ने नौ साल बाद यह बिल क्यों पेश किया है? जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, पार्टी कभी विश्वकर्मा योजना शुरू कर रही है तो कभी महिला आरक्षण विधेयक पेश कर रही है। यह वोट बटोरने की कवायद ही नजर आती है।
-जहांगीर अली, मुंबई
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बदलाव आएगा
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पास होना शुभ संकेत है। महिलाओं पर अत्याचार को मिटाने के लिए महिलाओं की सियासत में भागीदारी अत्यंत आवश्यक हो गई थी। महिलाओं की राजनीतिक सक्रियता से राजनीति में बदलाव आएगा।
-प्रदीप कुमार छाजेड़, जोधपुर
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नारी उत्पीडऩ में आएगी कमी
नारी वंदन विधेयक भारतीय लोकतंत्र का सराहनीय कदम है। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा तो निस्संदेह भारतीय राजनीति में निखार आएगा। नारी उत्थान का कार्य गति पकड़ेगा। एक शिक्षित नारी जब राजनीति में भाग लेगी तो निस्संदेह वह संपूर्ण देश को परिवार की भांति चला सकेगी। जब सत्ता में महिलाओं का वर्चस्व होगा, तो नारी उत्पीडऩ में भी निश्चित तौर पर कमी आएगी। -आजाद पूरण सिंह राजावत, जयपुर
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कानून बनाने में बढ़ेगी भागीदारी
महिला आरक्षण बिल का मुद्दा कई सालों से संसद के पटल पर छाया रहा है। अब जाकर यह आगे बढ़ रहा है। महिला आरक्षण विधेयक से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी। कानून बनाने में और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों में भी उनकी महती भूमिका रहेगी।
-शुभम वैष्णव, सवाई माधोपुर
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लैंगिक समानता को मिलेगा बल
देश की आधी आबादी होने के नाते महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण अति आवश्यक है। इससे लैंगिक समानता को बल मिलेगा। महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
-डॉ. राजीव कुमार, जयपुर