18 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फिर सुलग रही घाटी

कश्मीर घाटी भारत का अभिन्न अंग है। वहां भी दूसरे राज्यों की तरह कानून-व्यवस्था और अमन-चैन कायम करने में केन्द्र की बराबर की जिम्मेदारी है।

2 min read
Google source verification

image

Sunil Sharma

Jun 04, 2018

opinion,work and life,rajasthan patrika article,

jammu kashmir

कश्मीर घाटी फिर सुलग रही है। पाकिस्तान और उनके पिछलग्गू अलगाववादी नेता नहीं चाहते कि अमन कायम हो। भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के सीमा पर संघर्ष विराम का पालन करने के निर्णय को चार दिन भी नहीं बीते थे कि पाकिस्तानी रेंजरों ने जम्मू जिले के सीमावर्ती इलाकों में बमबारी शुरू कर दी। सीमा सुरक्षा बल के दो जवान शहीद हो गए, दर्जन भर नागरिक घायल हो गए। सिद्ध हो गया कि पाकिस्तान अपनी करनी से बाज नहीं आने वाला। वह कहता कुछ है और करता कुछ है। हमारे जवानों को घाटी में दोनों मोर्चों पर जूझना पड़ रहा है।

रमजान के मुकद्दस माह में केन्द्र सरकार वहां कार्रवाई रोके हुए हैं। लेकिन अलगाववादी इसका पालन नहीं कर रहे। सुरक्षा बलों पर हमले और पत्थरबाजी हो रही है। श्रीनगर में कफ्र्यू है तो छह जिलों में इंटरनेट सेवा बंद है। सीमा पार से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन तनाव को बढ़ा रहा है। भारत सरकार को सख्त निर्णय करना चाहिए। राज्य सरकार का रवैया पत्थरबाजों और आतंकियों के साथ पाकिस्तान के प्रति भी नरम दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती सभाओं में कह रही हैं कि जब उत्तर-दक्षिण कोरिया ७० साल बाद नजदीक आ सकते हैं, तो भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ताना सम्बंध क्यों नहीं हो सकते। महबूबा भूल रही हैं कि लाशों पर बैठकर बातचीत नहीं होती। कश्मीर में भाजपा-पीडीपी सरकार ने हजारों पत्थरबाजों पर दर्ज मामले वापस लेने का निर्णय किया था। क्या उससे वहां माहौल सुधरा? केन्द्र को घाटी में एक महीने के संघर्ष विराम पर पुनर्विचार करना चाहिए। जब भी वहां किसी एक व्यक्ति को भी नुकसान पहुंचता है तो विपक्षी दल और अलगाववादी गुट पाकिस्तान जैसी भाषा बोलने लगते हैं। सत्तारूढ़ पीडीपी भी उनकी हिमायती बनकर सामने आ जाती है।

केन्द्र सरकार को अब आर-पार का निर्णय करना होगा। पाकिस्तान विश्व मंच पर कश्मीर समस्या को उठाने का कोई मौका नहीं गंवाता। दूसरी ओर, लगातार आतंकियों की घुसपैठ करा रहा है। हमें रणनीति बदलनी होगी, सीमा पर मुंहतोड़ जवाब देना होगा तो घाटी में भी पत्थरबाजों के विरोध को मजबूती से कुचलना होगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पाकिस्तान को कठघरे में लाना होगा। कश्मीर घाटी भारत का अभिन्न अंग है और वहां भी दूसरे राज्यों की तरह कानून-व्यवस्था और अमन-चैन कायम करने में केन्द्र सरकार की बराबर की जिम्मेदारी है।