निकट तो अनेक लोग थे। किंतु वहीं अर्जुन भी था, कर्ण उसकी ओर पीठ करने का साहस नहीं कर सकता था। कर्ण चाहता भी तो अर्जुन उसे वैसा करने नहीं देता। धृष्टद्युम्न ने दुर्योधन को साध रखा था।युधामन्यु, उत्तमौजा, सात्यकि, नकुल, सहदेव और पांचों द्रौपदेय वहीं थे।