scriptScience and Tech: AI-Backpack for the Visually Impaired | साइंस एंड टेक: दृष्टिबाधितों के लिए एआइ-बैकपैक | Patrika News

साइंस एंड टेक: दृष्टिबाधितों के लिए एआइ-बैकपैक

इंटेल के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) आधारित सॉफ्टवेयर से युक्त बैकपैक।

नई दिल्ली

Published: April 02, 2021 12:35:03 pm

डैल्विन ब्राउन

दृष्टिबाधितों के लिए सार्वजनिक स्थलों में चलना-फिरना किसी चुनौती से कम नहीं। हाल ही कई ऐसी तकनीक आई हैं जो दृष्टिबाधितों के लिए राह आसान करती हैं, जैसे रोजमर्रा में काम आने वाले सामान को पहचानने के लिए स्मार्ट ग्लासेज और तकनीकयुक्त आधुनिक छडिय़ां (बेंत), जिनसे धारक को पता चल जाता है कि आगे कहां कोई रुकावट आने वाली है। इसी दिशा में एक नवीनतम नेक्स्ट जेनरेशन एक्सेसरी है - इंटेल के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) आधारित सॉफ्टवेयर से युक्त बैकपैक।

साइंस एंड टेक: दृष्टिबाधितों के लिए एआइ-बैकपैक
साइंस एंड टेक: दृष्टिबाधितों के लिए एआइ-बैकपैक

इस बैकपैक को पहनने वाले व्यक्ति को पता चल जाएगा कि रास्ते में आगे कोई दोराहा है या कोई अजनबी टकरा सकता है। इसके लिए बैकपैक एक अलर्ट देता है, जिसे सुनकर धारक सतर्क हो सकता है। फिलहाल बैकपैक को कोई नाम नहीं दिया गया है। इसका उपभोक्ता के लिए इस्तेमाल योग्य संस्करण बनने में कुछ वर्षों का समय लग सकता है। लेकिन यह एक झलक है कि भविष्य में एआइ और मशीन लर्निंग की सहायता से दृष्टिबाधित लोग अपने आसपास के वातावरण को बेहतर ढंग से कैसे पहचान और समझ सकेंगे जिससे वे और अधिक आत्मनिर्भरता के साथ जी सकेंगे। यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया में तैयार यह बैकपैक बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने मौजूदा कंप्यूटरीकृत दृश्य तकनीकों को ऐसे तंत्र के साथ विकसित किया जो दृष्टिबाधितों के लिए बेंत या गाइडिंग डॉग की जगह ले सके। रोबोट्स के लिए कंप्यूटर विजन के विशेषज्ञ जगदीश के. महेन्द्रन जॉर्जिया यूनिवर्सिटी में इस रिसर्च टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया, 'मैं अपनी एक मित्र से मिला जो देख नहीं सकती और वह मुझे बता रही थी कि उसे रोजाना कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। मैं सोच में पड़ गया - मुझे लगा मैं रोबोट्स को चीजें देखना सिखा रहा हूं जबकि दुनिया में कई लोग ऐसे हैं जो देख नहीं सकते और उन्हें मदद की जरूरत है।'

देखने में साधारण बैग जैसा बैकपैक लैपटॉपनुमा छोटा कंप्यूटर है और इसके बाहर माचिस की डिबिया के आकार की जीपीएस यूनिट लगी है। इसके डेमो वीडियो में दिखाया गया है कि यूजर ने एक जैकेट भी पहनी है, जिसमें एआइ कैमरा लगा हुआ है। जब इसे कंप्यूटर से कनेक्ट किया जाता है तो यह 4के कैमरा ऐसे रंग और संकेतों की पहचान कर लेता है, जिनका प्रयोग लोगों को पेड़ की झूलती शाखाओं से बचाने के लिए किया जाता है। यह कैमरा किसी और तरह से भी शरीर पर लगाया जा सकता है जैसे बेल्ट पर एक पाउच लगा कर। यह कैमरा संकेतों को पढ़कर सड़क पार करने वाले मार्ग और रास्ते में आने वाली बाधाएं पहचान लेता है। ब्लूटूथ से यूजर इस तंत्र के साथ संपर्क स्थापित कर सकता है और लोकेशन के बारे में सवाल पूछ सकता है जिसका जवाब भी उसे इसी सिस्टम से मिलेगा।
(लेखक साइंस-टेक्नोलॉजी रिपोर्टर हैं)
द वॉशिंगटन पोस्ट

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Sharp Brain- दिमाग से बहुत तेज होते हैं इन राशियों की लड़कियां और लड़के, जीवन भर रहता है इस चीज का प्रभावSchool Holidays in February 2022: जनवरी में खुले नहीं और फरवरी में इतने दिन की है छुट्टी, जानिए कितनी छुट्टियां हैं पूरे सालइस एक्ट्रेस को किस करने पर घबरा जाते थे इमरान हाशमी, सीन के बात पूछते थे ये सवालजैक कैलिस ने चुनी इतिहास की सर्वश्रेष्ठ ऑलटाइम XI, 3 भारतीय खिलाड़ियों को दी जगहFace Moles Astrology: चेहरे की इन जगहों पर तिल होना धनवान होने की मानी जाती है निशानीSatna: कलेक्टर की क्लास में मिलेगी UPSC की निःशुल्क कोचिंगकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशDwane Bravo ने 'पुष्पा' गाने पर दी डेविड वॉर्नर को टक्कर, खुद को कमेंट करने से रोक नहीं पाए अल्लू अर्जुन

बड़ी खबरें

RRB-NTPC Result : गुस्साए छात्रों का बवाल जारी, गया में पैसेंजर ट्रेन में आग लगाई और स्टेशन पर किया पथरावRepublic Day 2022 LIVE updates: राजपथ पर दिखी संस्कृति और नारी शक्ति की झलक, 7 राफेल, 17 जगुआर और मिग-29 ने दिखाया जलवानहीं चाहिए अवार्ड! इन्होंने ठुकरा दिया पद्म सम्मान, जानिए क्या है वजहजिनका नाम सुनते ही थर-थर कांपते थे आतंकी, जानें कौन थे शहीद ASI बाबू राम जिन्हें मिला अशोक चक्ररेलवे का बड़ा फैसला: NTPC और लेवल-1 परीक्षा पर रोक, रिजल्‍ट पर पुर्नविचार के लिए कमेटी गठितIPL 2022: शिखर धवन को खरीद सकती हैं ये 3 टीमें, मिल सकते हैं करोड़ों रुपएएक गांव ऐसा भी: यहां इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्मUP Assembly Elections 2022 : मिशन 300+ पाने में जुटी भाजपा, दिनेश शर्मा और स्वतंत्र देव सिंह नहीं लड़ेंगे विधानसभा का चुनाव
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.