
आपकी बात: क्या पत्नी से जबरन यौन संबंध बलात्कार की श्रेणी में माना जाए?
नहीं माना जा सकता बलात्कार
पति पत्नी का रिश्ता एक पवित्र रिश्ता माना जाता है, लेकिन कई बार यह पवित्र रिश्ता बिगड़ जाता है। एक ही छत के नीचे रहने वाले पति-पत्नी के बीच यौन संबंध को बलात्कार की श्रेणी में नहीं लिया जा सकता है।
-नरेंद्र रलिया, भोपालगढ़, जोधपुर
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सोच-विचार करके ही लें निर्णय
दरअसल, महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति माना जाता है। आइपीसी की धारा 375 में बलात्कार की परिभाषा के अन्दर उल्लेखित अपवाद को अगर हटा दिया जाता है और मैरिटल रेप का बलात्कार जैसा अपराध मान लिया जाता है, तो यह विवाह की संस्था पर चोट कर सकता है। दहेज उत्पीडऩ विरोधी कानून की तरह इसका भी दुरुपयोग बढ़ेगा। यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है। पूर्ण रूप से सोच विचार कर ही कोई निर्णय लिया जाए।
-सुदेश बिश्नोई, जोड़कियां, श्रीगंगानगर
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पति-पत्नी के बीच संबंध इस दायरे में नहीं
पत्नी के साथ जबरन यौन संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में नहीं माना जाए। बलात्कार की घटना निंदनीय व शर्मसार करने वाली हैं। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पति-पत्नी के बीच संबंधों को इस दायरे में लाना गलत होगा।
-सी. आर. प्रजापति, जोधपुर
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तय कौन करेगा?
बिना सहमति जीवनसाथी से जबरन यौन सम्बन्ध बलात्कार ही है, लेकिन ऐसे मामलों में कैसे तय हो कि पति ने जबरदस्ती की है, क्योंकि उन पलों का कोई साक्षी भी नहीं होता है। पत्नी कभी भी विगत में सर्वसम्मति से हुए यौन संबंध को बलात्कार बता सकती है।
-बिपिन चंद्र जोशी, बेंगलूरु
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इच्छा के बिना यौन संबंध बलात्कार
भारतीय समाज में जहां एक और महिलाओं की पूजा की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर घरेलू हिंसा भी देखने को मिलते है। इन्हीं में एक जबरन यौन संबंध बनाना भी शामिल है। इसे भी बलात्कार की श्रेणी में गिना जाना चाहिए, क्योंकि महिलाओं को भी देह और प्राण की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। पति होने का मतलब यह नहीं है कि महिला के साथ वह चाहे जैसा बर्ताव करे। अगर मारपीट को घरेलू हिंसा में गिना जाता है, तो जबरन यौन संबंध को भी बलात्कार में गिना जा सकता है।
- पंकज कुमावत, जयपुर
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जरूरी है रजामंदी
पत्नी से बिना सहमति संबंध बनाना निश्चित तौर पर बलात्कार की श्रेणी में ही आना चाहिए। जब विवाह आपसी रजामंदी से होता है, तो संबंध में भी रजामंदी आवश्यक है।
-खुशवंत कुमार हिंडोनिया, चित्तौडग़ढ़
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जबरन यौन संबंध बलात्कार
भारतीय समाज में, जहां शादियों को पवित्र रिश्ता माना जाता है, वहीं एक पति का अपनी पत्नी के साथ जबरन यौन संबंध बनाना अपराध नहीं माना जाता। क्या विवाह की मोहर किसी व्यक्ति को जबरन यौन संबंध स्थापित करने की अनुमति देती है? अगर देती है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। स्त्री से जबरन यौन संबंध स्थापित करना बलात्कार ही है।
-अजिता शर्मा, उदयपुर
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बलात्कार नहीं उत्पीडऩ
वयस्क पत्नी से यौन संबंध बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता है। पत्नी से जबरदस्ती यौन संबंध बनाना महिला उत्पीडऩ का मामला हो सकता है। यदि जबरदस्ती यौन संबंध बनाने के लिए अन्य पुरुष व अन्य महिला की साथ में सहभागिता हो तो वह बलात्कार की श्रेणी में आना चाहिए।
-माधव सिंह, श्रीमाधोपुर, सीकर
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बलात्कार ही माना जाए
महिलाओं का समाज में महत्त्वपूर्ण स्थान है। जब पति अपनी पत्नी की इच्छा के खिलाफ उसके साथ यौन संबंध बनाता है, तो उसे बलात्कार ही माना जाए। महिलाओं के इच्छा के विरुद्ध किसी भी प्रकार का किया गया कृत्य अपराध है।
-गोपाल रैकवार, मनेंद्रगढ़, कोरिया, छत्तीसगढ़
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बलात्कार नहीं, शोषण
पत्नी से जबरन यौन संबंध बलात्कार की श्रेणी में तो नहीं माना जा सकता, लेकिन शोषण की श्रेणी में जरूर माना जाएगा। ना का मतलब बस ना होता है, चाहे वह पत्नी ही क्यों न हो। किसी के साथ जबरदस्ती करना तो अपराध की श्रेणी में ही आएगा।
-रजनी वर्मा श्रीगंगानगर
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नहीं है अभी सजा का प्रावधान
मैरिटल रेप या वैवाहिक बलात्कार भारत में अपराध नहीं है। अगर कोई पति अपनी पत्नी से उसकी सहमति के बगैर यौन संबंध बनाता है तो ये मैरिटल रेप कहा जाता है, लेकिन इसके लिए भारत में कोई सजा का प्रावधान नहीं है।
-कोमल प्रीत संधू, रायपुर, छत्तीसगढ़
Published on:
18 Feb 2022 06:00 pm
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