
टोक्यो ओलंपिक खिलाडिय़ों नहीं, कॉर्पोरेट के लिए
माइक वाइज, खेल स्तम्भकार (द वॉशिंगटन पोस्ट)
टोक्यो ओलंपिक शुरू होने में कुछ ही दिन शेष हैं। इसे लेकर काफी हलचल है, इतना पैसा दांव पर लगा है कि इन्हें रद्द नहीं किया जा सकता। आधुनिक खेल इतिहास में मानवता को ताक पर रख पैसों के लिए होने वाले ये खेल ऐसे देश में होने वाले हैं, जहां केवल 16 प्रतिशत आबादी को कोरोना वैक्सीन लगी है और 83 प्रतिशत नागरिक चाहते हैं कि ये खेल रद्द हों या आयोजन कार्यक्रम पुनर्निर्धारित किया जाए। जापान के सम्राट नारोहितो भी चिंता जता चुके हैं कि खेलों का आयोजन संक्रमण फैलने का कारण बन सकता है। ऐसे में लालच के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ को स्वर्ण, एनबीसी यूनिवर्सल को रजत और जापान के ओलंपिक आयोजकों को कांस्य पदक मिलेगा। महामारी के साये में होने जा रहे इन खेलों के आयोजन पर यही कहा जा सकता है कि जनस्वास्थ्य संकट को दरकिनार कर वित्तीय हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कुछ लोगों का कहना है कि उन खिलाडिय़ों के लिए इन खेलों का आयोजन महत्त्वपूर्ण है, जिन्होंने प्रशिक्षण लिया और इसमें भाग लेने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। खिलाडिय़ों का पूरा सम्मान करते हुए मैं कहता हूं, इसका सरोकार खिलाडिय़ों से नहीं है। यह वायुरुद्ध 'ओलंपिक बबल' में बैठे लोगों के लिए है, जो कोरोना वायरस संक्रमण और उससे होने वाली मौतों को कॉर्पोरेट वास्तविकता का असुविधाजनक हिस्सा मानते हैं। एनबीसी यूनिवर्सल ने अपने यूएस ओलंपिक्स मीडिया राइट्स 2032 तक बढ़ाने के लिए 7.5 बिलियन डॉलर का भुगतान किया है। एनबीसी यूनिवर्सल, आइओसी के लिए सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है - इसकी आय का सबसे बड़ा स्रोत। रेटिंग और विज्ञापन से मिलने वाले पैसे को आगे के लिए टाला नहीं जा सकता। टोक्यो भी आता पैसा छोडऩा नहीं चाहता, फिर भले ही डेल्टा वेरिएंट के चलते संक्रमण दर बढ़ रही हो।
इसीलिए टोक्यो मेडिकल प्रैक्टिशनर एसोसिएशन ने मई माह में आग्रह किया था कि ओलंपिक रद्द कर दिए जाएं। साथ ही चेताया था कि अगर इतने बड़े बहुराष्ट्रीय आयोजन के दौरान संक्रमण विस्फोट हो गया तो न तो अस्पताल क्षमताएं पर्याप्त हैं और न ही चिकित्सा कर्मी। टोक्यो के बाहर आयोजनों की मेजबानी करने वाले शहरों की सरकारों के पास अस्पतालों में अतिरिक्त बेड नहीं हैं और वे ऐसे हालात में खिलाडिय़ों के लिए सुविधाएं अलग से बचाकर रखने से इनकार कर चुकी हैं, जबकि स्थानीय लोगों को उनकी सख्त जरूरत है। चेंज डॉट ओआरजी की 'कैंसल द टोक्यो ओलंपिक्स टु प्रोटेक्ट आवर लाइव्स' नामक याचिका पर साढ़े चार लाख लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। बीते शनिवार टोक्यो में संक्रमण के 950 नए मामले दर्ज किए गए और लगातार बढ़ते मामलों का यह तीसरा सप्ताह था। फिर भी आइओसी/जापान की बबल वाली दुनिया में सिर्फ ताकतवरों की गिनती है, गांव-देहात के लोगों की नहीं। टोक्यो 2020 ओलंपिक समिति की अध्यक्ष सीको हाशिमोतो का कहना है - 'किसी भी कीमत पर' खेल होंगे, जैसे कि वह 1941 की चर्चिल हों।
अब तक सात ओलंपियाड की कवरेज का मुझे मौका मिला है। मैं जानता हूं कि खेल सभी धाराओं को एक साथ लाने का काम करते हैं और ओलंपिक के साथ यह पूरी तरह सच है। टोक्यो पहुंचने की तैयारी कर रहे खिलाडिय़ों का साहस सराहनीय है, लेकिन ज्यादातर स्पर्धा स्थलों पर खिलाडिय़ों के माता-पिता, भाई-बहन, प्रशंसक मौजूद नहीं होंगे। ओलंपिक आयोजन और एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकता था, टोक्यो-2020 को टोक्यो 2022 किया जा सकता था, पेरिस 2024 और लॉस एंजिल्स २०28 को ज्यों का त्यों रखते हुए। लेकिन आइओसी, नेटवर्क प्रमुखों और जापानी अधिकारियों का पूरा ध्यान आय पर है, मानवता पर विचार के लिए कोई गुंजाइश नहीं है।
Published on:
13 Jul 2021 08:34 am
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