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आपकी बात: गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए क्या विशेष प्रयास होने चाहिए?

पाठकों ने इस विषय पर विविध प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। प्रस्तुत हैं उनकी कुछ चुनिंदा प्रतिक्रियाएं...

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जयपुर

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Opinion Desk

Mar 06, 2026

अपव्यय पर रोक और जल प्रबंधन जरूरी

गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचने के लिए जल संरक्षण और समुचित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। नागरिकों को पानी का सीमित और जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाया जाए और पुराने तालाबों व कुओं को पुनर्जीवित किया जाए। पाइपलाइन लीकेज को समय पर ठीक कर पानी की बर्बादी रोकने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों की मरम्मत और टैंकर आपूर्ति को भी सुदृढ़ बनाया जाए, ताकि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। - अमृतलाल मारू, इंदौर

नदियों के जल शुद्धिकरण पर ध्यान आवश्यक

गर्मी में पेयजल संकट जैसी स्थिति जलसंपन्न राज्य में नहीं होनी चाहिए। नदियों के पानी को साफ रखने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, लेकिन उनका पूरा उपयोग नहीं हो रहा। परिणामस्वरूप साफ पानी की कमी बढ़ती है और लोग भूजल पर अत्यधिक निर्भर हो जाते हैं। भूजल का लगातार दोहन भविष्य में गंभीर जल संकट का कारण बन सकता है। इसलिए नदियों के जल शुद्धिकरण और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। - सृजन, नरसिंहपुर

जनभागीदारी से ही मिलेगा स्थायी समाधान

गर्मी के मौसम में पेयजल संकट हर वर्ष अधिक गंभीर होता जा रहा है। इससे निपटने के लिए केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। वर्षा जल संचयन को घरों और संस्थानों में अनिवार्य बनाया जाए, ताकि वर्षा का पानी संरक्षित होकर भूजल स्तर बढ़ा सके। साथ ही पुराने तालाबों, कुओं और बावड़ियों का पुनर्जीवन किया जाना चाहिए। शहरों में पाइपलाइन लीकेज को तुरंत ठीक कर पानी की बर्बादी रोकना भी जरूरी है। यदि सरकार और समाज मिलकर प्रयास करें, तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। - डॉ. दीपिका झंवर, जयपुर

अवैध जल कनेक्शनों पर सख्ती जरूरी

गर्मी के मौसम में पेयजल संकट आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए अवैध जल कनेक्शनों पर सख्ती से अंकुश लगाना जरूरी है। कई लोग नियमों के विरुद्ध एक ही घर में एक से अधिक कनेक्शन ले लेते हैं, जिससे अंतिम छोर पर रहने वाले लोगों को पानी नहीं मिल पाता। जल विभाग को ऐसे मामलों की नियमित जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इससे जल वितरण व्यवस्था में संतुलन बनेगा और अधिक लोगों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। - अजीत सिंह सिसोदिया, बीकानेर

दीर्घकालिक जल प्रबंधन की जरूरत

गर्मी में पेयजल समस्या से निपटने के लिए जलापूर्ति व्यवस्था का नियमित रखरखाव आवश्यक है। नलकूपों, मोटरों और जलमीनारों की समय-समय पर जांच हो तथा पाइपलाइन की मरम्मत कर पानी की बर्बादी रोकी जाए। वर्षा जल संचयन, सोख्ता गड्ढों और तालाबों के माध्यम से भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना भी जरूरी है। प्रशासन को जल आपूर्ति की निगरानी के लिए विशेष टीमें बनानी चाहिए और लोगों को पानी के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित करना चाहिए। अल्पकालिक उपाय राहत देते हैं, जबकि दीर्घकालिक समाधान स्थायी जल सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। - मुरारी मिश्र, सूरत

जल संरक्षण और आधुनिक तकनीक का उपयोग

गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण, जल वितरण प्रणाली में सुधार और उपलब्ध संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। सरकार और स्थानीय निकायों को जल आपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ लोगों में पानी बचाने की जागरूकता फैलानी चाहिए। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और जल शुद्धिकरण की आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी उपयोगी साबित हो सकता है। यदि इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। - विजेंद्र कुमार जांगिड़, जयपुर

सामूहिक प्रयास से मिलेगा समाधान

गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचने के लिए जल संरक्षण को सामूहिक लक्ष्य बनाना होगा। इसमें सरकार और समाज दोनों की बराबर जिम्मेदारी है। कुओं, झीलों, तालाबों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही पाइपलाइन लीकेज को तुरंत ठीक करना, नलों का सही रखरखाव और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग भी जरूरी है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों में टैंकर व्यवस्था सुनिश्चित करने से लोगों को काफी राहत मिल सकती है। - शिवजी लाल मीना, जयपुर