
आपकी बात, परिवार में बुजुर्गों की उपेक्षा क्यों हो रही है?
बुजुर्गों को उचित सम्मान की जरूरत
परिवार में बुजुर्गों की उपेक्षा का प्रमुख कारण संयुक्त परिवारों का खत्म होना है। पूर्व में सारा परिवार सम्मिलित रूप से एक स्थान पर रहता था तथा घर में कई सदस्य होने से बुजुर्ग कभी भी उपेक्षित महसूस नहीं करते थे। इसके उलट आज अधिकांश एकल परिवारों में बेटा और बहू दोनों नौकरीपेशा होने और बच्चो के पढ़ाई में व्यस्त होने से दादा-दादी से उनकी दूरियां और बढ़ गई हंै। रही सही कसर मोबाइल और सोशल मीडिया ने पूरी कर दी। अन्य कारणों में बढ़ते घरेलू खर्चे, बच्चों के लिए ज्यादा समय देना व बुजुर्गों को बोझ मानने वाली बीमार मानसिकता से जकड़े होना है। भारतीय परंपराओं के अनुसार बुजुर्गों को उचित सम्मान देने की जरूरत है।
-अभय गौतम, कोटा
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एकल परिवार का चलन
पहले हमारे समाज में संयुक्त परिवारों का चलन था। सब मिलजुल कर रहते थे। बड़े-बुजुर्गों की देखभाल भी अच्छे से हो जाती थी। अब एकल परिवारों का चलन बढ़ रहा है। कामकाजी महिलाओं की संख्या भी बढ़ रही है। पति-पत्नी दोनों काम पर जाते हैं, वे बड़े-बुजुर्गों की देखभाल नहीं कर पाते हैं। बड़े-बुजुर्गों को कोई रखना ही नहीं चाहता। इसलिए उनकी उपेक्षा हो रही है। आर्थिक कारणों से भी उन्हें उपेक्षित रखा जाता है।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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पश्चिमी संस्कृति का असर
वर्तमान समय में परिवार में बुजुर्गों की उपेक्षा इसलिए हो रही है क्योंकि आज पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ गया है। साथ ही एकल परिवारों का बोलबाला है। संस्कारों की कमी हो रही है। यह स्थिति बदलनी होगी।
सुरेंद्र बिंदल, जयपुर
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भारतीय संस्कृति के खिलाफ
बुजुर्गों की उपेक्षा करना हमारी संस्कृति और संस्कारों के खिलाफ है । आज के दौर में पाश्चात्य संस्कृति के चलते लोग स्वार्थी हो गए हैं। लोग अपने माता-पिता को भूल रहे हैं, उनका अनादर कर रहे हैं। -रेवत सिंह राजपुरोहित, सांचौर
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वृद्धों की तरफ ध्यान ही नहीं हकीकत तो यह है कि वर्तमान पीढ़ी अपने आप में इतनी मस्त और व्यस्त हो गई है कि वृद्धों की ओर ध्यान देने की फुरसत ही नहीं है। परिवार में वृद्धों से कोई बात ही नहीं करना चाहता। उनकी कोई नहीं सुनता है। हम भी वृद्ध होंगे। जैसा हम व्यवहार करते हैं, वैसा ही हमारे साथ भी होगा।
-गोपाल अरोड़ा, जोधपुर
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सम्मानजनक व्यवहार करें
बुजुर्ग, जिस घर-परिवार को बनाने में अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं, वहीं उनकी उपेक्षा होती है। बदलते समय के साथ, उन्हें महत्वहीन समझा जाने लगा है। बुजुर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
-छाया कानूनगो, देवास, मध्य प्रदेश
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बोया पेड़ बबूल का..
परिवार में बुजुर्गों की उपेक्षा का बड़ा कारण यह है कि अपने माता-पिता के द्वारा दादा-दादी की अपेक्षा करते हुए बच्चे देखते हैं और उसका अनुसरण अपने आगामी जीवन में करते हंै। माता-पिता बच्चों के सामने आदर्श प्रस्तुत करें, तो वे भी वृद्धावस्था में उनका सम्मान करेंगे। अन्यथा तो यह उक्ति चरितार्थ होनी ही है, 'बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय'।
- कवि शंकर आचार्य, बीकानेर
Published on:
13 Sept 2023 05:41 pm
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