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आपकी बात : सेमीकंडक्टर चिप देश में ही बनने के बाद तकनीकी क्षेत्र में किस तरह के परिवर्तन होने की उम्मीद है?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत है पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।
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जयपुर

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Opinion Desk

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Updated: 4 Sep 2025, 2:00 PM IST

आधुनिक तकनीक की रीढ़
सेमीकंडक्टर चिप आधुनिक तकनीक की रीढ़ हैं। ये स्मार्टफोन, कंप्यूटर और गाड़ियों जैसे उपकरणों को संचालित करती हैं। देश में इनका उत्पादन शुरू होने से नई नौकरियां मिलेंगी। आयात पर निर्भरता घटेगी और तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मोबाइल नेटवर्क और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नवाचार को गति मिलेगी। अपनी तकनीक होने से राष्ट्रीय सुरक्षा भी मज़बूत होगी। - शौर्य शर्मा, जयपुर

बहुआयामी स्तर पर आएगा परिवर्तन
सेमीकंडक्टर चीप विनिर्माण से देश में दैनिक जीवन की वस्तुओं से लेकर शिक्षा, रक्षा, अंतरिक्ष तथा समस्त सुचना एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बहुआयामी स्तर पर क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। यह आत्मनिर्भरता भारत की डिजिटल संप्रभुता और रणनीतिक स्वायत्ता को तो मजबूत करेगी ही, साथ ही यह भारत को वैश्विक स्तर पर बडे सेमीकंडक्टर चिप आपूर्तिकर्ता देश के रूप में भी स्थापित करेगी। - दिनेश चौधरी, सिरोही

इलेक्ट्रोनिक सामानों की लागत घटेगी
सेमीकंडक्टर चिप देश में ही बनने से तकनीकी क्षेत्र में काफी परिवर्तन आने की संभावना है। इससे इलेक्ट्रॉनिक सामानों में लागत घटेगी जिससे उपभोक्ताओं को भी फायदा पहुंचेगा। विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में कम्प्यूटर/ लैपटॉप की पहुंच गरीब बच्चों तक के लिए सुगम हो सकेगी। - हरिप्रसाद चौरसिया, देवास

आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
देश में सेमीकंडक्टर चिप बनने के बाद भारत में तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, आयात पर निर्भरता कम होगी और रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, रक्षा और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में नवाचार और विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों को भी बढ़ावा मिलेगा। - दीक्षिता साहू, धमतरी