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आपकी बात : बुजुर्गो की सामाजिक सुरक्षा पुख्ता करने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं कुछ पाठकों की चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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जयपुर

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Neeru Yadav

Jul 13, 2025

बुजुर्गो की योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा
ग्रामीण इलाकों एवं दूरस्थ स्थानों में रहने वाले बुजर्गो को उनके हक की योजनाओं से अवगत करवाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार की जरूरत है। प्रचार प्रसार के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप का आयोजन करवाकर वहा के बुजर्गो को उनके हक की योजनाओ के बारे में बताना और उन योजनाओ से जोड़ना और इस दिशा में काम करने के लिए वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना चाहिए। - अजीत सिंह सिसोदिया, खारा बीकानेर

बुजुर्ग सम्मान अभियान चलाना चाहिए
सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि वृद्धावस्था पेंशन वास्तव में बुजुर्गों तक पहुंची है या नहीं। सरकार को धर्म गुरुओं और समाज सेवकों की मदद से स्वच्छ भारत अभियान की तरह बुजुर्ग सम्मान अभियान चलाना चाहिए, जिससे समाज में लोगों की चेतना का स्तर उठ सके। भारत में वृद्धाश्रम मानव सेवा की आड़ में अकूत कमाई का धंधा बनते जा रहे हैं, वृद्धाश्रम संचालकों के लिए नियमों की पालना सुनिश्चित करनी चाहिए। - हरेन्द्र त्यागी, झुंझुनूं

वृद्धाश्रमों की गुणवत्ता सुधारनी चाहिए
बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सरकार को पेंशन योजनाएं सुलभ और प्रभावी बनानी चाहिए। वृद्धाश्रमों की गुणवत्ता सुधारनी चाहिए और स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त या रियायती दरों पर उपलब्ध करानी चाहिए। उनके लिए सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सुविधा और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर भी बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कर सकें। - संजय माकोड़े, बैतूल

बुजुर्गों को स्वयं जागरूक रहना होगा
सरकार की ओर से बुजुर्गों की आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा के लिए पेंशन सहित कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं लेकिन हमारे बुजुर्ग संतान के मोह में अपनी राशि उन्हें सौंप देते हैं। उन्हें अब अपनी सुरक्षा के लिये स्वयं जागरूक होना पड़ेगा। अपना बैंक अकाउंट डिटेल्स, संपत्ति डिटेल और डेबिट कार्ड नंबर किसी को भी न दे। अपने फोन में अस्पताल, पुलिस और किसी एक रिश्तेदार का नंबर रखें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटे तो मदद के लिए तुरंत कह सके। - विभा गुप्ता, बेंगलूरु