
डेटा का संग्रह और इस्तेमाल निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। डेटा संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों पर उचित दंड और जुर्माना का प्रावधान होना चाहिए।
डाटा संरक्षण कानून एक यूके का कानून है इसको संरक्षण करने के लिए व्यक्तिगत डेटा का संग्रह और इस्तेमाल वैध आधार पर होना चाहिए जैसे सहमति कानून दायित्व का पालन या सार्वजनिक हित पासवर्ड अद्वितीय होना चाहिए और किसी को नहीं बताना चाहिए। डेटा का संग्रह और इस्तेमाल निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। डेटा संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों पर उचित दंड और जुर्माना का प्रावधान होना चाहिए। इसका उपयोग जिम्मेदारी से और लोगों के अधिकार का उल्लंघन नहीं हो ऐसा होना चाहिए। तकनीकी समाधानों का उपयोग करना चाहिए जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग ताकि डेटा सुरक्षा में सुधार हो सके और साइबर खतरों से बचाया जा सके। विशेष उद्देश्य के लिए ही आवश्यक डेटा का संग्रह करना चाहिए और सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और समझने योग्य होनी चाहिए। व्यक्तिगत और संगठनों के डेटा सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना चाहिए। -लहर सनाढ्य, उदयपुर
कानून में यह निर्धारित होना चाहिए कि किसी व्यक्ति का डेटा केवल तभी संग्रहित और संसाधित किया जा सकता है जब उसके पास स्पष्ट सहमति हो। सहमति को स्वतंत्र, सूचित और विशिष्ट होना चाहिए। व्यक्तियों को अपने डेटा के उपयोग के बारे में पूरी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे समझ सकें कि उनका डेटा कैसे और क्यों उपयोग किया जा रहा है। -अनोप भाम्बु, जोधपुर
डेटा संरक्षण क़ानून का उद्देश्य व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखना और उसकी गोपनीयता सुनिश्चित करना है। डेटा संग्रह से पहले उपयोगकर्ताओं से स्पष्ट और सूचित सहमति ली जानी चाहिए। उपयोगकर्ता को यह बताना आवश्यक है कि डेटा क्यों और कैसे इस्तेमाल होगा। साथ ही उपयोगकर्ता को यह अधिकार दिया जाए कि वह अपने डेटा को एक्सेस कर सके, उसे संशोधित कर सके या डिलीट करने का अनुरोध कर सके। डेटा संरक्षण क़ानून को तैयार करना न केवल व्यक्तिगत गोपनीयता की रक्षा करता है, बल्कि उपयोगकर्ता और संगठनों के बीच विश्वास को भी मजबूत करता है। -डॉ. अजिता शर्मा, उदयपुर
निश्चित तौर पर डेटा सरंक्षण कानून मे अवयस्क बच्चों को सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली विभिन्न अवांछित सामग्रियों को देखने पर रोक लगनी चाहिए। माता-पिता की अनुमति लेना इसमें बहुत कारगर साबित हो सकती है। साथ ही कानून यदि बनाए ही जा रहे हैं तो यहां वहां प्रसारित होने वाली प्रतिबंधित सामग्रियों पर शिकंजा कसना जरूरी हो जाता है ताकि बच्चे उन्हें आसानी से चला नहीं पायें। - नरेश कानूनगो 'शोभना', देवास
मौजूदा डिजिटल युग में डेटा एक मूल्यवान संसाधन है, जिसे अनियमित नहीं छोड़ा जाना चाहिए। सरकार को निजी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के खिलाफ निजता उल्लंघन का सख्त कानून बनाना चाहिए, ताकि कोई भी निजी या सरकारी कंपनी दूसरे कंपनियों से पैसे लेकर यह डेटा निजी स्वार्थ के लिए साझा न कर सके। -कपिल पेसवानी
डेटा चयन कानून में हमें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। सरकारी नीतियाँ या गोपनियता या कोई भी कार्य खिलाफ़ में वह लीक अधिक नहीं होनी चाहिए। निजी कोई भी व्यवसाय से संबंधित खाता, अकाउंट या बिजनेस की कोई भी प्रक्रिया से संबंधित फॉर्मूले लीक नहीं होनी चाहिए। डिजिटल भारत के युग में सब कुछ सेव होना चाहिए। साइबर सुरक्षा के लिए सब कुछ सेव होना चाहिए। एक डेटा बनाना चाहिए, जिसका फोल्डर हो और वह ओटीपी के माध्यम से ही खुले। इसलिए गोपनियता होनी चाहिए, और किसी भी प्रकार की खुफिया जानकारी साझा नहीं होनी चाहिए। -मुकेश सोनी, जयपुर
डाटा संरक्षण के लिए सबसे जरूरी है उसके लिए सुरक्षित पासवर्ड लगाए। जिससे डेटा चोरी होने का खतरा कम होता है और पासवर्ड को ज्यादा लोगों के साथ शेयर ना किया जाए, जिससे डाटा की निजता बनी रहती है। -महेन्द्र कुमार बोस, बाड़मेर
डेटा संरक्षण कानून में कोई भी निजी पासवर्ड को थोड़े समय बाद अपडेट करते रहना चाहिए क्योंकि लंबे समय तक एक ही पासवर्ड हैकर्स के हत्थे चढ़ सकता है। इसलिए समय-समय पर निजी डेटा के पासवर्ड अपडेट करते रहें। -प्रियव्रत चारण 'लव', जोधपुर
Published on:
06 Jan 2025 01:08 pm
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