
बेंगलुरु। भारतीय हॉकी टीम ने पिछले दिनों में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। टीम पड़ोसी देश बांग्लादेश में आयोजित हीरो हॉकी एशिया कप 13 साल जीतने में कामयाब रही थी। अब भारतीय हॉकी टीम विश्व हॉकी लीग में खेलने वाली है। जिसका आयोजन ओड़िशा की राजधानी भुवनेश्वर में होना है। आगामी 1 से 10 दिसंबर तक आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत के अलावे दुनिया की शीर्ष आठ टीमें भाग ले रही है। इस टूर्नामेंट में घरेलू दर्शकों के सामने भारत पर बेहतर प्रदर्शन का दवाब होगा। यह कहना है कि भारतीय हॉकी खिलाड़ी बीरेंद्र लाकड़ा का। जो दिसंबर 2016 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर चोटिल होने के बाद अब टीम में वापसी कर चुके है।
ओड़िशा में होना है मुकाबला
टूर्नामेंट में भारत पर होने वाले दवाब के बारे में बात करते हुए लाकड़ा ने कहा कि ओडिशा की राजधानी हमेशा से भारत के लिए खास स्थल रहा है, क्योंकि वहां शहर के हॉकी प्रशंसकों का टीम को पूरा समर्थन मिलता है। इस तरह की बड़ी प्रतियोगिता में हमेशा थोड़ा दबाव रहता है। वहां हमारा मुकाबला दुनिया की चोटी की आठ टीमों से होगा। लाकड़ा ने पिछले साल दिसंबर में ऑस्ट्रेलियाई दौरे में आखिरी बार भारत की तरफ से खेले थे। उन्होंने कहा, 'मैं उत्साहित हूं और घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरे कई मित्र और परिजन हमारे मैच देखने के लिए आएंगे। ओडिशा में लोग हॉकी को लेकर काफी उत्साही हैं और भुवनेश्वर में हमें जो समर्थन मिलता है, उससे वह भारतीय टीम के लिए विशेष स्थल बन गया है।
इस टूर्नामेंट में बीरेंद्र लाकड़ा के अलावा दो अन्य भारतीय खिलाडिय़ों दिपसन टिर्की और अमित रोहिदास भी अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलेंगे। रोहिदास ने जहां हॉकी इंडिया लीग में प्रभावशाली प्रदर्शन किया वहीं टिर्की जूनियर विश्व कप विजेता टीम के सदस्य हैं। इन खिलाड़ियों का भी मानना है कि इस टूर्नामेंट में हम पर दवाब होगा।
हमारे तकनीक की होगी पहचान
ओड़िशा से ताल्लुक रखने वाले 19 वर्षीय टिर्की का कहना है कि इस टूर्नामेंट में टीम के तकनीक की पहचान होगी। टिर्की ने कहा कि यह पहला अवसर होगा जब मैं ओडिशा में घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय टीम की तरफ खेलूंगा। उत्साह अलग बात है, लेकिन ग्रुप चरण में ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ हमारे खिलाडिय़ों के कौशल की परीक्षा होगी। उन्होंने कहा, 'हमारे मुख्य कोच सोर्ड मारिन ने इस टूर्नामेंट के लिए मानसिक तौर पर तैयार होने के मद्देनजर हम से अलग-अलग बात की। हम अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों से वाकिफ हैं। हमारा ध्यान अब खुद पर दबाव बनाए बिना टीम की रणनीति पर अमल करना है।
सीनियर खिलाडिय़ों ने बढ़ाया है हमारा उत्साह
रोहिदास ने कहा, 'केवल बीरेंद्र ही नहीं बल्कि एसवी सुनील, मनप्रीत सिंह, रुपिंदर पाल सिंह जैसे सीनियर खिलाडिय़ों ने प्रत्येक सत्र में हमारा काफी उत्साह बढ़ाया। एक टीम के तौर पर हम इस टूर्नामेंट के लिए काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं तथा हमने बेल्जियम और एशिया कप में अच्छा प्रदर्शन किया जो कि हॉकी विश्व लीग फाइनल में अच्छे परिणाम हासिल करने के लिए मनोबल बढ़ाने वाला कारक है। भारत अपना पहला मैच एक दिसंबर को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से खेलेगा।
Published on:
21 Nov 2017 10:37 pm

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