
'Divided by boundaries United by friendship' अंग्रेजी की यह कहवाती दुनियाभर में अपनी प्रतिभा से लोहा मनवाने वाले पाकिस्तान के जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम और भारत के नीरज चोपड़ा पर सटीक बैठती है। खेल के मैदान में दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी हैं, लेकिन मैदान के बाहर उतने ही अच्छे दोस्त है।
टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर नीरज अरशद से आगे निकाल गए थे। लेकिन पेरिस ओलंपिक में नदीम ने सब को चौंकाते हुए उनसे गोल्ड मेडल छीन लिया है। नीरज 89.45 मीटर थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। नीरज चोपड़ा लगातार अपना दूसरा गोल्ड मेडल नहीं जीत पाये। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर के साथ अपने करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के बावजूद, वह नदीम को पछाड़ने में विफल रहे। नदीम ने ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ते हुए 92.97 मीटर का थ्रो फेंका और गोल्ड अपने नाम किया।
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की दोस्ती –
नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम की दोस्ती के किस्से भी काफी लोकप्रिय हैं। अरशद जब 19 साल के थे तब पहली बार नीरज से मिले थे। साल 2016 में अरशद नदीम बस के जरिए लाहौर से अमृतसर आए थे। उन्हें गुवाहाटी जाना था, जहां दक्षिण एशियाई खेलों का आयोजन हो रहा था। यहीं, नीरज और नदीम पहली बार मिले थे। इस प्रतियोगिता में नीरज चोपड़ा ने 82.23 मीटर दूर भाला फेंक कर गोल्ड जीता था। वहीं नदीम ने 78.33 मीटर दूर भाला फेंका ब्रॉन्ज अपने नाम किया था।
भारत और पाकिस्तान में जैवलिन को लेकर भी क्रेज़ बढ़ा –
इसके बाद नीरज और नदीम का मुकाबला वियतनाम में एशियन जूनियर चैंपियनशिप में था। यहां नीरज ने 77.60 मीटर दूर भाला फेंक सिल्वर जीता था। वहीं 73.40 मीटर दूर भाला फेंकने वाले नदीम को एक बार फिर ब्रॉन्ज मिला था। अरशद का अबतक का सफर प्रेरणादायक है। उनके बेमिसाल प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान में भी जैवलिन को लेकर भी क्रेज़ बढ़ा है। आज भारत में नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान में अरशद नदीम ने जैवलिन के खेल में अपने देशों को एक नई ऊर्ज़ा दी है।
नदीम ऐसे बने जैवलिन थ्रोअर –
नदीम स्पोर्ट्स में बहुत बड़ा नाम बनाना नहीं चाहते थे। वे सिर्फ सरकारी नौकर के लिए मेहनत कर रहे थे। इसी तलाश में उन्होंने स्पोर्ट्स कोटा के अंडर पाकिस्तान वाटर एंड पावर डेवलपमेंट अथॉरिटी (WAPDA) के लिए ट्रायल्स भी दिए। इसी दौरान उनकी पहचान सैय्यद हुसैन बुखारी से हुई। बुखारी पांच बार के पाकिस्तानी नेशनल चैम्पियन हैं। इसके बाद बुखारी ने उन्हें ट्रेन किया और सरकारी नौकरी भी दिलाई।
टोक्यो ओलंपिक में विवाद –
टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने बताया था कि उनके थ्रो से ठीक पहले उन्हें अपना भाला नहीं मिल रहा था और ढूंढ़ने पर वह पाकिस्तान के नदीम के पास मिला था। इसके बाद सोशल मीडिया पर नदीम को जमकर ट्रोल किया जाने लगा। इसके बाद नीरज ने वीडियो जारी कर कहा कि नदीम को इसके लिए ट्रोल न किया जाए। उन्होंने नफरत फैलाने वाले लोगों को जमकर फटकार लगाई थी। इसके बाद से कई बार दोनों की दोस्ती सामने आ चुकी है।
Updated on:
09 Aug 2024 03:00 pm
Published on:
09 Aug 2024 02:37 pm
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