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साक्षी मलिक के पैतृक गांव मोखरा में भी जश्न का माहौल

बुधवार शाम से ही साक्षी के रोहतक स्थित सेक्टर-4 के मकान नंबर 45 में रिश्तेदारों का तांता लगना शुरू हो गया था। साक्षी के पिता सुखबीर मलिक, मां सुदेश मलिक, भाई सचिन मलिक के साथ ही दिल्ली और मोखरा गांव के पहुंचे रिश्तेदारो ने मैच देखा।

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Nikhil Sharma

Aug 18, 2016

Sakshi Malik wins bronze medal in rio olympic 2016

Sakshi Malik wins bronze medal in rio olympic 2016

रोहतक।
रियो ओलंपिक में देश के लिए पहला मेडल जीतने वाली साक्षी मलिक की जीत से यहां जश्न का माहौल है। परिजनों ने पटाखे जलाकर और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। साक्षी मलिक के रोहतक स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।


बुधवार शाम से ही साक्षी के रोहतक स्थित सेक्टर-4 के मकान नंबर 45 में रिश्तेदारों का तांता लगना शुरू हो गया था। साक्षी के पिता सुखबीर मलिक, मां सुदेश मलिक, भाई सचिन मलिक के साथ ही दिल्ली और मोखरा गांव के पहुंचे रिश्तेदारो ने मैच देखा। शुरूआत के दो मैच में जीत की खुशी तीसरे में मायूसी में बदल गई। लेकिन कांस्य पदक के लिए हुई पहली कुश्ती में जीत ने फिर से उम्मीद पैदा कर दी। फिर साक्षी ने जैसे ही कीर्गिस्तान की पहलवान को हराकर कांस्य पदक हासिल हुआ, उसी के साथ रोहतक स्थित घर में जश्न का माहौल पैदा हो गया। परिवारवालों ने पटाखे छोड़कर अपनी खुशी का जताई।


रियो ओलंपिक में पदक हासिल करने के बाद साक्षी मलिक की मां सुदेश मलिक व पिता सुखबीर मलिक बहुत बहुत खुश हैं। सुखबीर, डीटीसी में कंडक्टर हैं, जबकि मां आंगनवाड़ी में सुपरवाइजर हैं। पिता सुखबीर का कहना है कि उन्हें शुरू से ही उम्मीद थी कि साक्षी पदक जीतेगी। घर से जाते समय भी वह यह कह कर गई थी कि पदक लेकर ही लौटेगी। उन्होंने कहा कि वह कड़ी मेहनत कर ही इस मुकाम तक पहुंची है। कभी किसी शादी-समारोह में भी नहीं जाती थी ताकि उसकी प्रेक्टिस न छूटे। पिता का कहना है कि वीरवार सुबह साक्षी से बात हुई है, वह अपनी उपलब्धि पर बहुत खुश है। अब वे साक्षी के जोरदार स्वागत की तैयारियां कर रहे हैं। पूरे शहर में साक्षी के पोस्टर लगाए जाएंगे। साक्षी 23 अगस्त को रियो से रवाना होगी। मां सुदेश का कहना है कि वे साक्षी के खाने-पीने का पूरा ध्यान रखती हैं। साक्षी सुबह 4 बजे ही उठ जाती थी और सुबह 3 घंटे व शाम 3 घंटे रोजाना प्रेक्टिस करती है। वहीं, कोच मंदीप कहते हैं कि प्रशिक्षण के दौरान साक्षी खेल के प्रति पूरी तरह समर्पित रहती है। अब उसे मेहनत का फल मिला है। साक्षी का प्लस प्वाइंट यह है कि डबल लैग अटैक करती है।


मोखरा गांव में भी जश्न का माहौल

साक्षी मलिक के मेडल हासिल करने की खबर जैसे ही मोखरा गांव में लगी, वैसे ही गांव में जश्न का माहौल पैदा हो गया। ग्रामीणों ने नाचकर अपनी खुशी का इजहार किया। दरअसल साक्षी का बचपन मोखरा गांव में ही बीता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए साक्षी ने कड़ी मेहनत की है। सरपंच प्रमोद, ग्रामीण कुलबीर, सुरेंद्र व वेदपाल का कहना है कि साक्षी मलिक ने मोखरा गांव का नाम देश और प्रदेश में रोशन कर दिया।


सीएम ने साक्षी के पिता को फोन कर दी बधाई

सीएम मनोहर लाल खट्टर ने साक्षी मलिक के पिता सुखबीर मलिक को फोन कर बधाई दी। हरियाणा के सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर रोहतक आवास पर पहुंचे थे। इसी दौरान सीएम ने साक्षी मलिक के पिता को फोन किया। साक्षी के पिता ने सरकार की नीति को सराहा और कहा कि ग्राम पंचायत आकर सीएम का धन्यवाद करेगी।