हैदराबाद। एक समय ऐसा था जब उनके साथ कोई प्रैक्टिस नहीं करना चाहता था। उनके दोस्त उनसे दोस्ती तोड़ चुके थे। दुती इन दिनों हैदराबाद में ट्रेनिंग कर रही हैं, जहां उनका साथ पीवी सिंधु दे रही हैं। रियो ओलंपिक में 100मी में 36 साल बाद उतरने वाली उतरने वाली भारतीय स्प्रिंटर थी।
ओडिशा की रहने वाली दुती चंद हैदराबाद में ट्रेनिंग कर रही हैं, यहां पर उनका साथ बैडमिंटन स्टार और ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु दे रही हैं। अपने आॅफ कोर्ट ट्रेनिंग सेशन में सिंधु दुती चंद के साथ ट्रेनिंग को लेकर काफी उत्साहित भी है।
दुतीचंद भी हैदराबाद के माहौल को लेकर काफी खुश हैं। उनके मुताबिक घर से दूर होकर भी उन्हें कमी नहीं खल रही है। यहां पर कई लोग हैं, जिनके साथ वो बात कर रही हैं। दुती को यहां का माहौल भले ही अच्छा लग रहा हो, लेकिन उनकी जिंदगी में पिछले दो साल बेहद उथल पुथल भरे रहे थे।
2014 में दुती को पुरुष हार्मोन का दोषी पाते हुए अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स संघ ने बैन कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने स्विसजरलैंड कोर्ट में इस निर्णय को चुनौती दी और वो जीत गई।
हो गई थी अकेली
भले ही 2015 में उन्होंने वापसी की, लेकिन रियो ओलंपिक की तैयारियों के लिए पटियाला के नेशनल इंस्टीटयूट आफ स्पोटर्स में उनकी साथी खिलाड़ियों, दोस्तों ने उनसे दूरी बना ली थी, कोई भी उनसे नहीं बोल रहा था, वो काफी अकेली हो गई थी। उनका सोशल बॉयकोट कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि टॉप एथलीट उन दिनों मेरे साथ प्रैक्टिस नहीं करना चाहते थे, साथ ही प्रैक्टिस के बाद भी नहीं बोलते थे, ये मेरे लिए बड़ा मुश्किल था। मेरे साथ कोई नहीं था जिसके साथ वो अपनी बात साझा कर सकें।
दुती चंद के कोच एन रमेश ने कहा कि दुती हार मानने वाली खिलाड़ियों में से नहीं है। उनमें परिस्थतियों में अपने को ढालने की क्षमता है। बैन के बीच उन्होंने 2014 कॉमनवेल्थ खेलों और एशियन खेलों में भाग नहीं लिया था।
मिल गए दोस्त
पीवी सिंधु के अलावा दुती के गच्चीबाउली स्टेडियम में कई युवा दोस्त बन गए हैं। जिनके साथ वो प्रैक्टिस कर रही हैं।
बनाया था नेशनल रिकॉर्ड
अप्रैल में दुती चंद ने 11़33 सैकेंड में 100मी दौड़ पूरी करके रचिता मिस्ट्री का 16 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला था।