29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नेशनल कोड ऑफ गुड गवर्नेंस ड्रॉफ्ट को लेकर आईओए ने दिखाए कड़े तेवर

आईओए की दलील, खेल संघों की स्वायत्ता रखना चाहते हैं बरकरार
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Manoj Sharma Sports

•

Updated: 12 Nov 2019, 10:29 AM IST

ioa.jpg

नई दिल्ली।नेशनल कोड ऑफ गुड गवर्नेंस के ड्रॉफ्ट ( National Code of Good Governance ) को लेकर भारतीय ओलम्पिक संघ ( Indian Olympic Association ) खुलकर सामने आ गया है। आईओए ( IOA ) ने इस ड्रॉफ्ट को लेकर खुलकर विरोध जताया है। आईओए की सबसे अधिक नाराजगी जिस बात को लेकर है वो है खेल संघों में सरकारी दखलअंदाजी।

आईओए ने ड्रॉफ्ट के विरोध में क्या कहा-

आईओए ने ड्रॉफ्ट के विरोध में कहा, "आईओए खेल संघों की स्वायता को बनाए रखना चाहता है और इसलिए वह सरकार द्वारा नामित किए गए शख्स को एथलेटिक आयोग में शामिल करने के प्रस्ताव का विरोध करता है।"

आईओए ने कहा, "एनएसएफ के बोर्ड में किसी भी सरकारी सदस्य का नामित होना साफ तौर पर सरकारी दखल होगा और इससे खेल प्रशासन की स्वायत्तता में दखल पड़ेगा।"

इतना ही नहीं आईओए ने राष्ट्रीय ओलम्पिक संघ ( एनएसएफ ) के बोर्ड में सरकार द्वारा अपने आदमी के लिए स्थान सुरक्षित रखने के प्रस्ताव का भी विरोध किया है।

आपको बता दें कि नेशनल स्पोर्ट्स कोड 2011 में बनाया गया था। इसके बाद साल 2014 में यह दलील दी गई थी कि यह पूरी तरह से सही नहीं हैं। इसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंच गया।

साल 2017 में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक कमेटी बनाने के लिए आदेश दिया। इसके बाद खेल मंत्रालय ने एक कमेटी का गठन भी किया। कमेटी ने इसमें कई बदलाव सुझाए लेकिन वे अभी तक लागू नहीं हो पाए हैं।

बड़ी खबरें

View All

अन्य खेल

खेल

ट्रेंडिंग