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Jaspal Rana Death: मनु भाकर के कोच जसपाल राणा ने अस्पताल में तोड़ा दम, एशियन गेम्स में 4 गोल्ड पर साधा था निशाना

Jaspal Rana Asian Games Gold Medalist: उत्तराखंड के गढ़वाली परिवार में जन्मे जसपाला राणा ने एशिनय गेम्स में 4 और कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 गोल्ड मेजल अपने नाम किया था।

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jaspal rana and manu bhakar

जसपाल राणा के साथ मनु भाकर (फोटो- ANI)

Indian Shooter Jaspal Rana Dies at 49: भारतीय ओलंपिक निशानेबाज मनु भाकर के कोच जसपाल राणा की 49 साल की उम्र में मृत्यु हो गई है। उनका दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। जसपाल राणा ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और पिछले कुछ सालों से वह मनु भाकर को ट्रेनिंग दे रहे थे, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक में निशानेबाजी प्रतियोगित में 2 कांस्य पदक जीते थे।

कैसे हुई जसपाल राणा की मौत?

शूटिंग वर्ल्डकप में भाग लेने के बाद वह टीम के साथ जर्मनी से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी अचानक तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ लेकिन आज सुबह वह जिंदगी से जंग हार गए। हालांकि अब तक नहीं पता चला कि उनकी मौत किस वजह से हुई है।

एशियन गेम्स में जीते 4 गोल्ड

जसपाल राणा ने महज 12 साल की उम्र से ही नेशनल लेवल के टूर्नामेंट में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। 1988 में उन्होंने पहली बार सिल्वर मेडल जीता, जब वह 31वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में भाग ले रहे थे। इसके बाद उन्होंने देश के लिए कई मेडल जीते। 1994 के Asian Games में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इसके बाद उन्होंने 2006 में इस गोल्ड मेडल को डिफेंड भी किया। 2006 में उन्होंने टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता, जबकि इसी साल 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में भी गोल्ड अपने नाम किया।

जसपाल राणा का कॉमनवेल्थ गेम्स में भी दबदबा देखने को मिला था। उन्होंने यहां 9 गोल्ड मेडल पर कब्जा दिया। इस दौरान उन्होंने अपने नाम 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया। उन्होंने 1996 समर ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। वह दो स्पर्धाओं में शामिल हुए, लेकिन उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।

2012 से युवाओं को कर रहे ट्रेन

2012 में उन्होंने युवा निशानेबाजों को ट्रेनिंग देना शुरू किया। इसी दौरान 2018 से उन्होंने मनु भाकर को प्रशिक्षण देना शुरू किया और 2024 में उन्हें दो मेडल जिताने में अहम भूमिका निभाई। राणा को सिर्फ 18 साल की उम्र में Arjuna Award से सम्मानित किया गया था, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान है। बाद में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से भी नवाजा गया। साल 2020 में उन्हें कोचिंग में शानदार प्रदर्शन के लिए Dronacharya Award से सम्मानित किया गया। वहीं 2025 में उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के लिए भारत का हाई परफॉर्मेंस कोच भी चुना गया।