देश में मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए जेके टायर की मजबूत पहल

देश में मोटरस्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए जेके टायर की मजबूत पहल

Siddharth Rai | Publish: Oct, 14 2018 11:40:22 AM (IST) अन्य खेल

जेके टायर का मोटरस्पोर्ट की दुनिया में कदम रखने का फैसला एक सधी हुई रणनीति के तहत लिया गया। इसके लिए ना सिर्फ ब्रांडिंग के लिए नई और अनूठी तकनीकों का ईजाद और इस्तेमाल किया गया, बल्कि भारत को मोटरस्पोर्ट की दुनिया में एक बड़ी ताकत बनाने के सपने को भी साकार किया गया।

नई दिल्ली। जेके टायर हमेशा से खेल की दुनिया से करीबी से जुड़ा रहा है। करीब तीन दशक पहले कंपनी ने मोटरस्पोर्ट को बढ़ावा देने के लिए एक दूरगामी और मजबूत पहल की थी। इस तरह के खेलों में भागीदारी के जरिये कंपनी को अपने उत्पादों को बेहतर बनाने और मुश्किल भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से ढालने में मदद मिली। उस वक्त इस तरह के खेलों पर उच्चवर्ग का एकाधिकार माना जाता था, लेकिन जेके टायर ने इस खेल के ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन करने का बीड़ा उठाया और आमजन के हिसाब से बदल दिया। कंपनी ने ना सिर्फ इस खेल को किफायती बनाया बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुरूप संचालित भी किया। जेके टायर का मोटरस्पोर्ट की दुनिया में कदम रखने का फैसला एक सधी हुई रणनीति के तहत लिया गया। इसके लिए ना सिर्फ ब्रांडिंग के लिए नई और अनूठी तकनीकों का ईजाद और इस्तेमाल किया गया, बल्कि भारत को मोटरस्पोर्ट की दुनिया में एक बड़ी ताकत बनाने के सपने को भी साकार किया गया।

साल 2011 में कंपनी ने फॉर्मूला बीएमडबल्यू सीरीज का अधिग्रहण किया और इसे नए सिरे से आयोजित करते हुए जेके रेसिंग एशिया सीरीज(जेकेआरएएस) का नाम दिया। इस अधिग्रहण के साथ ही, जेके टायर ने भारतीय मोटरस्पोर्ट के क्षेत्र में इतिहास रच दिया। जेके टायर पहली ऐसी कंपनी बन गई जिसने एफआईए द्वारा मान्यता प्राप्त सीरीज का अधिग्रहण किया हो। सीरीज हासिल करने के बाद जेके टायर ने साफ कर दिया कि वो इसे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रेसिंग ड्राइवरों को प्रोत्साहन देने के मंच के तौर पर इस्तेमाल करेगी। साथ ही इसके जरिए भारत को एशिया के मोटरस्पोर्ट के मानचित्र में अहम स्थान दिलाया जाएग

इसलिए जेके टायर ने एक फैसले से मोटरस्पोर्ट कार्यक्रम की दिशा में दोहरी कामयाबी हासिल कर ली। यहां युवा रेसरों को पहले खुद को राष्ट्रीय स्तर पर साबित करना होता है फिर उन्हें एशिया स्तर के मुकाबलों में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। क्योंकि वे फॉर्मूला बीएमडबल्यू(जो अब जेकेआरएएस के नाम से जाना जाता है) में हिस्सा लेते हैं और फिर रेसिंग के ऊंचे स्तर के मुकाबलों में भाग ले पाते हैं। जेके टायर अब विश्वस्तरीय मोटरस्पोर्ट को भारत में घर घर तक पहुंचाने के अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गया है। जेके टायर द्वारा संचालित रेसिंग और कार्टिंग कार्यक्रम देश के दिग्गज रेसरों को उभारने के मंच के तौर पर जाना जा रहा है। इन रेसरों में नारायण कार्तिकेयन, अरमान इब्राहिम, करुण चंडोक, आदित्य पटेल और अन्य युवा शामिल हैं।

टाटा मोटर्स के साथ मिलकर भारत में ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप का आयोजन जेके टायर की एक और शानदार और अनूठी पहल है। कंपनी ने इस प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए रेसिंग ट्रकों के टायर की एक नई तकनीक “जेट रेसिंग” के नाम से ईजाद और विकसित की है।

Ad Block is Banned