
पोल्स (उपकरणों) को एक साथ बांधते हुए एथलीट (Photo - Screengrab/X)
Indian Railways sports policy 2026: भारतीय खेलों की दुनिया से एक ऐसी खबर जो मैदान पर पसीना बहाने वाले हर खिलाड़ी के चेहरे पर मुस्कान ला देगी। सालों के इंतजार और कई कड़वे अनुभवों के बाद, अब भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने खिलाड़ियों के लिए एक खास खेल उपकरण नीति (Sports Equipment Policy) बनाने का फैसला किया है।
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में खिलाड़ियों के साथ ट्रेनों में जो हुआ, उसने पूरे देश को हैरान कर दिया था। हाल ही में राजमुंदरी स्टेशन पर एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। अंडर-20 फेडरेशन कप के चैंपियन कविनराजा और उनके साथी भुवनेश्वर से सलेम जा रहे थे। उन्होंने अपने कीमती पोल (खंभे) खिड़की की ग्रिल से बांधे थे। हैरानी की बात यह रही कि रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने उन पोल की रस्सियां काट दीं और चलते हुए ट्रेन से वो पोल नीचे गिर गए। अपने 1 लाख रुपये के पोल को बचाने के लिए कविनराजा को चलती ट्रेन से कूदना पड़ा। इस घटना के वीडियो ने सोशल मीडिया पर रेलवे की खूब किरकिरी कराई थी।
यह कोई पहली घटना नहीं थी। इसी साल जनवरी में पनवेल स्टेशन पर नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा और उनके कोच को अपमानित होना पड़ा था। टीटीई ने उनके पास मौजूद पोल को अवैध सामान बताकर भारी जुर्माना ठोक दिया था, जबकि वो देश के लिए मेडल जीतकर लौट रहे थे।
इन घटनाओं की गूंज दिल्ली तक पहुंची। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खुद इस मामले में दखल दिया और रेल मंत्रालय से समाधान निकालने को कहा।
अब खिलाड़ी 5.20 मीटर तक लंबे पोल, तीरंदाजी के उपकरण और रोइंग किट जैसे बड़े सामान आसानी से ले जा सकेंगे। सेंट्रल रेलवे के सीनियर मैनेजर युवराज मंसूरी ने 8 मई को पत्र लिखकर सभी टीटीई और स्टाफ को आदेश दिया है कि वे खिलाड़ियों के साथ नरम और सभ्य व्यवहार करें। उन्हें समझदारी दिखाने को कहा गया है ताकि किसी खिलाड़ी का खेल का सामान खराब न हो।
एथलेटिक्स फेडरेशन के आदिल सुमारिवाला ने भी पुष्टि की है कि वे लगातार साई (SAI) और सरकार के संपर्क में हैं ताकि थ्रोइंग और जंपिंग के बड़े सामानों को पारदर्शी तरीके से ले जाने के नियम तय हो सकें।
Published on:
10 May 2026 12:10 pm
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