14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ASIAN GAMES 2018: पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, एशियाड फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी

भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।

2 min read
Google source verification

image

Akashdeep Singh

Aug 27, 2018

PV SINDHU

ASIAN GAMES 2018: पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, एशियाड फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी

नई दिल्ली। भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु ने सोमवार को 18वें एशियाई खेलों में महिला एकल स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। सिंधु एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारत ने 1982 एशियाई खेलों में पुरुष एकल में सय्यद मोदी का कांस्य पदक जीता था। सिंधु ने सेमीफाइनल मुकाबले में अपनी पुरानी प्रतिद्वंद्वी जापान की अकाने यामागुची को मात देकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई, जहां उनका सामना चीनी ताइपे की ताइ जु यिंग से होगा। आपको बता दें कि भारत की दूसरी शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल सेमीफइनल मुकाबले में वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी चीनी ताइपे की ताइ जु यिंग से हार गईं थी लेकिन उन्होंने ऐतिहासिक कांस्य पदक भारत की झोली में डाला।


पहले गेम में भारी पड़ी सिंधु-
भारतीय खिलाड़ी सिंधु ने एक घंटे और पांच मिनट तक चले मुकाबले में वर्ल्ड नम्बर-2 यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। पहले ही गेम से ही दोनों के बीच बराबरी की टक्कर देखी गई। अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी के खेल से परिचित सिंधु ने इसका फायदा उठाते हुए उनके खिलाफ स्कोर 8-8 से बराबर किया और इसके बाद 13-9 से बढ़त ले ली। वर्ल्ड नम्बर-3 भारतीय खिलाड़ी ने यामागुची पर इस बढ़त को बनाए रखा और अंत में पहला गेम 22 मिनटों के भीतर 21-17 से अपने नाम कर लिया।


दूसरे मुकाबले में जापानी की जीत-
दूसरे गेम में भी दोनों को बराबरी का संघर्ष करते देखा गया। हालांकि, अपने कद का फायदा उठाते हुए सिंधु बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रही थी। यामागुची अपनी फुर्ति से सिंधु को उनके हर हमले का जवाब दे रही थी। रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता सिंधु ने यामागुची की गलतियों का फायदा उठाया और उनके खिलाफ 10-6 की बढ़त हासिल कर ली। यहां जापान की खिलाड़ी ने वापसी की और सिंधु पर दबाव बनाते हुए 12-10 की बढ़त हासिल कर ली और 22 मिनट में सिंधु को 21-15 से हराकर दूसरे गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली।


तीसरा गेम सिंधु ने आसानी से जीता-
सिंधु ने तीसरे गेम में यामागुची पर अपना दबाव बनाने की कोशिश करते हुए 9-4 की बढ़त बनाई। जापानी खिलाड़ी के खिलाफ इस बढ़त को बनाए रखते हुए सिंधु ने तीसरा गेम 21-10 से जीता। इस हार के कारण यामागुची को कांस्य से संतोष करना पड़ा है। यह एशियाई खेलों में उनका पहला पदक है।